बाढ़ ने रोका रास्ता,नाव बनी अर्थी का सहारा,पिता की अंतिम यात्रा कराने को मजबूर हुआ बेटा

जन एक्सप्रेस/हरदोई :- हरदोई के बाढ़ प्रभावित इलाके से सामने आई एक तस्वीर ने दिल झकझोर दिया।अरवल थाना क्षेत्र के ग्राम सभा जिगनी चौगवां के मजरा ठेंहड़ा पुरवा निवासी मुलायम कुशवाहा (72) का निधन हो गया। लेकिन पिता की मौत का गम अभी परिवार ने संभाला भी नहीं था कि उनके अंतिम संस्कार की सबसे बड़ी चुनौती सामने खड़ी थी। चारों तरफ बाढ़ का पानी और गांव से बाहर जाने वाला रास्ता जलमग्न था। ऐसे में बेटे सुखदेव कुशवाहा और ग्रामीणों को पिता के शव को अंतिम संस्कार के लिए नाव के सहारे पानी से बाहर लाना पड़ा। जिस पिता को बेटा अपने कंधे पर अंतिम विदाई देना चाहता होगा, उनकी अंतिम यात्रा पानी के बीच नाव पर निकली।
बाढ़ ने जिगनी चौगवां समेत आसपास के इलाकों में ग्रामीणों की जिंदगी मुश्किल कर रखी है। रास्ते डूबे हैं, आवागमन बाधित है और कई जगह गांवों का संपर्क लगभग टूट गया है। इसी मुश्किल के बीच मुलायम कुशवाहा के निधन ने परिवार की परेशानी और बढ़ा दी। अंतिम संस्कार के लिए शव को गांव से बाहर ले जाना जरूरी था, लेकिन पानी ने रास्ता रोक रखा था। आखिरकार नाव का सहारा लिया गया और ग्रामीण शव को पानी के बीच से निकालकर सड़क तक लेकर पहुंचे। यह सिर्फ एक शव को नाव से ले जाने की तस्वीर नहीं, बल्कि बाढ़ के बीच ग्रामीणों की बेबसी की पूरी कहानी है।
शव को बाहर लाने के बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की। बाढ़ के पानी से घिरे गांव में हुई यह अंतिम यात्रा लंबे समय तक लोगों के जेहन में रहेगी। जिंदगी बचाने के लिए जिस पानी से ग्रामीण जूझ रहे हैं, उसी पानी ने मौत के बाद भी रास्ता नहीं छोड़ा। मुलायम कुशवाहा की अंतिम यात्रा ने बाढ़ की भयावहता का वह चेहरा दिखाया है, जहां इंसान के पास दुख मनाने का वक्त भी नहीं—उसे पहले पानी के बीच से अपने अपनों को आखिरी मंजिल तक पहुंचाने का रास्ता तलाशना पड़ता है।






