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डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि पर सीएम योगी ने अर्पित की श्रद्धांजलि

जन एक्सप्रेस/लखनऊ : राष्ट्रवाद, एकात्मता और संकल्प के प्रतीक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल अस्पताल, पार्क रोड, हजरतगंज, लखनऊ में भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने पुष्पांजलि अर्पित करते हुए कहा कि डॉ. मुखर्जी का बलिदान भारत के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है।

सीएम योगी ने उपस्थित गणमान्य नागरिकों, चिकित्सकों, अस्पताल कर्मचारियों और छात्रों को संबोधित करते हुए कहा, “डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि राष्ट्र के लिए जीने और मरने वाले तपस्वी योद्धा थे। उन्होंने ‘एक देश, एक विधान, एक प्रधान और एक निशान’ के लिए जो बलिदान दिया, उसी की बदौलत आज जम्मू-कश्मीर भारत के संविधान के अनुरूप पूरी तरह एकीकृत है।”

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि डॉ. मुखर्जी का विचार भारत को केवल भौगोलिक रूप से नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और संवैधानिक रूप से भी एक करने का था। आज जब हम ‘नया भारत’ बना रहे हैं, तब डॉ. मुखर्जी के विचार और उनके आदर्श पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हो गए हैं।

पुण्यतिथि समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने अस्पताल परिसर में स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और उनके जीवन पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। इस अवसर पर अस्पताल प्रशासन द्वारा एक विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन भी किया गया, जिसमें सैकड़ों मरीजों ने नि:शुल्क चिकित्सा सेवाओं का लाभ उठाया।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा, “डॉ. मुखर्जी का जीवन प्रेरणास्रोत है। आज जब हम देश को आत्मनिर्भर बनाने, युवाओं को सशक्त करने और गांव-गरीब के कल्याण की दिशा में काम कर रहे हैं, तब हमें उनके विचारों को मार्गदर्शक बनाना चाहिए।”

इस मौके पर प्रदेश सरकार के कई मंत्रीगण, विधायक, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, भाजपा कार्यकर्ता एवं अन्य गणमान्यजन मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने अस्पताल के कार्यों की भी सराहना की और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए।

कार्यक्रम के अंत में सीएम योगी ने युवाओं से अपील की कि वे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसे राष्ट्रनायकों के विचारों को आत्मसात करें और देशहित में कार्य करें।

यह कार्यक्रम न केवल एक श्रद्धांजलि था, बल्कि एक संदेश भी – कि राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वालों को भुलाया नहीं जाता, बल्कि उनकी प्रेरणा से ही भविष्य की दिशा तय होती है।

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि पर आयोजित यह कार्यक्रम संकल्प, सेवा और राष्ट्रभक्ति की त्रिवेणी बनकर उभरा, जिसने लखनऊ ही नहीं, पूरे प्रदेश को एक बार फिर राष्ट्रीय चेतना से जोड़ दिया।

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