उत्तराखंडदेहरादून

पूर्व सैनिकों के परिवारों को बड़ी राहत: सुभारती अस्पताल में CGHS दरों पर मिलेगा इलाज

देहरादून के सुभारती अस्पताल और उत्तराखंड पूर्व सैनिक लीग के बीच हुए समझौते से अब पूर्व सैनिकों

जन एक्सप्रेस /देहरादून

देहरादूनके झाझरा स्थित डॉ. के.के.बी.एम. सुभारती अस्पताल ने समाज सेवा और राष्ट्रसेवा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए उत्तराखंड पूर्व सैनिक लीग (यूईएसएल) के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओए) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते का उद्देश्य पूर्व सैनिकों, सेवारत सशस्त्र बल कर्मियों और उनके गैर-निर्भर परिजनों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना है।

इस पहल के तहत पात्र लाभार्थियों को अब अस्पताल में केंद्रीय सरकारी स्वास्थ्य योजना (CGHS) की निर्धारित दरों पर चिकित्सा एवं शल्य चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी। इससे उन परिवारों को विशेष राहत मिलेगी जो अब तक महंगे इलाज के कारण परेशान थे।

समझौते पर यूईएसएल की ओर से मेजर जनरल एम.एल. असवाल (अध्यक्ष) और कर्नल अमित वीर पंडिया (वरिष्ठ उपाध्यक्ष) ने हस्ताक्षर किए। वहीं, सुभारती अस्पताल की ओर से डॉ. (कर्नल) भगवंत सिंह पिलखवाल (अतिरिक्त निदेशक – अस्पताल संचालन) और डॉ. (लेफ्टिनेंट कर्नल) राहुल शुक्ला (चिकित्सा अधीक्षक) ने इस महत्वपूर्ण दस्तावेज पर सहमति जताई।

इस समझौते को अंतिम रूप देने में सुभारती अस्पताल की टीम के कई सदस्यों ने अहम भूमिका निभाई। इनमें डॉ. लोकेश त्यागी, डॉ. प्रशांत कुमार भटनागर और डॉ. ज्योति जयपाल चौहान प्रमुख रहे। आयोजन को सफल बनाने में रितेश श्रीवास्तव और रवि मित्तल का विशेष योगदान भी उल्लेखनीय रहा।

समझौते के अंतर्गत लाभार्थियों को बाह्य रोगी विभाग (OPD) और आंतरिक रोगी विभाग (IPD) की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके साथ ही विभिन्न प्रकार की जांच, डायग्नोस्टिक सेवाएं और गंभीर बीमारियों का इलाज भी शामिल होगा। खास बात यह है कि इसमें कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के उपचार की सुविधा भी CGHS दरों पर उपलब्ध होगी।

यह सुविधा विशेष रूप से पूर्व सैनिक स्वास्थ्य योजना (ECHS) के उन लाभार्थियों के गैर-निर्भर परिजनों के लिए लागू होगी, जिनमें माता-पिता, पुत्र, पुत्रवधू, पुत्री और दामाद शामिल हैं। इस पहल से उन परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी जो सीधे तौर पर सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के अंतर्गत नहीं आते थे।

समझौते के अनुसार, सभी पात्र मरीजों को बिना किसी भेदभाव के इलाज मिलेगा और किसी को भी चिकित्सा सेवाओं से वंचित नहीं किया जाएगा। इसके अलावा वीर नारियों, जूनियर कमीशंड अधिकारियों (JCO), गैर-कमीशंड अधिकारियों (NCO) और विशेष रूप से सक्षम बच्चों को प्राथमिकता दी जाएगी।

हृदय रोगियों के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है। यूईएसएल द्वारा संदर्भित मरीजों को सुभारती अस्पताल के अत्याधुनिक हृदय उपचार केंद्र में इलाज की सुविधा मिलेगी। इसमें गहन चिकित्सा इकाई (ICU) और कैथ लैब जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। साथ ही मरीज के साथ एक सहायक की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।

इस मौके पर उपस्थित अधिकारियों ने इस पहल को पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के लिए एक बड़ी सौगात बताया। उनका कहना था कि यह समझौता समाज के उस सम्मानित वर्ग को सुलभ, किफायती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

कार्यक्रम में सुभारती ट्रस्ट के निदेशक ब्रिगेडियर डॉ. विजेन्द्र पाल सिंह और निश्चेतना विभागाध्यक्ष डॉ. गुरदीप सिंह जीते की गरिमामयी उपस्थिति रही। इसके अलावा सचिन कुमार, अक्षित बहुगुणा, आकाश कुशवाहा और अंशुल धीमान ने भी इस समझौते के सफल क्रियान्वयन में अहम योगदान दिया।

यह पहल निश्चित रूप से पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाली साबित होगी और उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं तक आसान पहुंच प्रदान करेगी।

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