
जन एक्सप्रेस/ उत्तरकाशी दयारा बुग्याल ट्रेक से लापता महिला की तलाश के लिए प्रशासन ने खोज अभियान और तेज कर दिया है। रविवार को यूकाडा के हेलीकॉप्टर द्वारा पूरे ट्रेक रूट और आसपास के दुर्गम क्षेत्रों का हवाई सर्वे शुरू किया गया, ताकि ऊपर से इलाके की बारीकी से निगरानी कर संभावित सुराग तलाशे जा सकें।जमीन पर पुलिस, SDRF, NDRF, NIM, राजस्व विभाग और वन विभाग की संयुक्त टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। खोज अभियान के तहत घने जंगलों, गहरी खाइयों, गदेरों, चट्टानों के उड्यारों तथा झाड़ी-झंखाड़ वाले क्षेत्रों को खंगाला जा रहा है।पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय पूरे अभियान की लगातार निगरानी कर रही हैं। वहीं CO जनक सिंह पंवार सूचना मिलने के बाद से ही दयारा क्षेत्र में कैंप कर रेस्क्यू ऑपरेशन का नेतृत्व कर रहे हैं।
सर्च ऑपरेशन के सामने प्रमुख चुनौतियां
1. दुर्गम भूगोल और मौसम
दयारा बुग्याल का ऊंचाई वाला क्षेत्र, घने जंगल, गहरी खाइयां और अचानक बदलने वाला मौसम खोज अभियान को चुनौतीपूर्ण बना रहे हैं। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण पैदल सर्च अभियान की गति प्रभावित हो रही है।
2. अंतिम लोकेशन का अभाव
महिला की अंतिम लोकेशन और उसकी संभावित दिशा स्पष्ट नहीं होने के कारण सर्च एरिया काफी बड़ा हो गया है। ऐसे में ड्रोन और स्थानीय गाइडों की मदद से ट्रेल मार्किंग पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
3. संचार व्यवस्था की समस्या
बुग्याल क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध नहीं है। बेहतर समन्वय के लिए वायरलेस और सैटेलाइट फोन की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है, जिससे ग्राउंड टीम और हवाई सर्वे टीम के बीच बेहतर तालमेल स्थापित हो सके।
4. स्थानीय लोगों की मदद अहम
प्रशासन ट्रेक रूट पर मौजूद स्थानीय गाइडों, घोड़ा-खच्चर संचालकों और ढाबा संचालकों से नियमित फीडबैक ले रहा है। अधिकारियों का मानना है कि स्थानीय लोगों की जानकारी खोज अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
हवाई सर्वे से बढ़ी उम्मीदें
अधिकारियों के अनुसार हेलीकॉप्टर से किए जा रहे हवाई सर्वे के जरिए ऐसे स्थानों की पहचान की जा सकेगी जहां ग्राउंड टीम को फोकस करना है। सभी एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ काम कर रही हैं और प्राथमिक लक्ष्य लापता महिला का जल्द से जल्द पता लगाना है।






