
जन एक्सप्रेस /नई टिहरी: स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं “वृक्ष मानव” के नाम से प्रसिद्ध स्वर्गीय विश्वेश्वर दत्त सकलानी की धर्मपत्नी भगवती देवी सकलानी का रविवार को निधन हो गया। वह लगभग 85 वर्ष की थीं। उनके निधन की खबर से सकलाना क्षेत्र सहित पूरे जनपद में शोक की लहर फैल गई है।
परिवार के पुत्र संतोष स्वरूप सकलानी के अनुसार, भगवती देवी सकलानी का उपचार देहरादून स्थित महंत इंद्रेश अस्पताल में चल रहा था। बीते एक माह से उनके पैर में फ्रैक्चर के कारण इलाज जारी था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली।
भगवती देवी सकलानी अपने पीछे चार पुत्र, बहुएं, पोते-पोतियों सहित एक भरा-पूरा परिवार छोड़ गई हैं। उनके निधन से न केवल परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र में गहरा शोक व्याप्त है।
गौरतलब है कि स्वर्गीय विश्वेश्वर दत्त सकलानी पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण के क्षेत्र में अपने अद्वितीय योगदान के लिए “वृक्ष मानव” के नाम से देश-विदेश में विख्यात रहे हैं। उनके परिवार का भी सामाजिक और पर्यावरणीय कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
अंतिम संस्कार:
भगवती देवी सकलानी का अंतिम संस्कार सोमवार प्रातः ऋषिकेश स्थित पूर्णानंद घाट में राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। इस दौरान प्रशासन की ओर से उप जिलाधिकारी अथवा तहसीलदार की उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी।
सरकारी प्रावधान:
उत्तराखंड शासन के आदेशानुसार स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की विधवाओं के निधन पर राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाता है। साथ ही अंतिम संस्कार के लिए अनुदान राशि प्रदान करने का भी प्रावधान है।






