छाता शुगर मिल आंदोलन का 23वां दिन – बारिश में भी धरने पर महिलाएं, CM योगी से मिलने की मांग

लेखन – खगुल कृष्ण भारद्वाज
(सह संपादक)जन एक्सप्रेस लखनऊ
जन एक्सप्रेस /मथुरा :- छाता शुगर मिल को चालू कराने की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन 23वें दिन भी जारी है। लगातार बारिश के बीच बड़ी संख्या में किसान परिवारों की महिलाएं अपने छोटे बच्चों के साथ धरना स्थल पर बैठी हैं। आंदोलनकारियों की प्रमुख मांग है कि बंद पड़ी छाता शुगर मिल को जल्द से जल्द चालू कराया जाए।
बारिश के कारण धरना स्थल पर मुश्किलें बढ़ गई हैं। महिलाएं और बच्चे भीगते हुए आंदोलन में शामिल हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि चीनी मिल के बंद होने से गन्ना किसानों के सामने आर्थिक और आजीविका से जुड़ी परेशानियां बढ़ रही हैं।
23 दिन से जारी है आंदोलन
छाता शुगर मिल को लेकर चल रहा यह आंदोलन अब 23वें दिन में प्रवेश कर चुका है। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, लंबे समय से मिल के संचालन को लेकर मांग उठाई जा रही है। उनका कहना है कि क्षेत्र के किसानों की आजीविका और गन्ने की खरीद से जुड़ा यह मुद्दा उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
धरने में महिलाओं की भागीदारी भी लगातार बनी हुई है। कई महिलाएं अपने छोटे बच्चों के साथ बारिश के बीच धरना स्थल पर मौजूद हैं।
मुख्यमंत्री के मथुरा दौरे के बीच उठे सवाल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मथुरा दौरे के बीच आंदोलनकारियों की उम्मीदें भी बढ़ी हैं। प्रदर्शनकारियों और उनके समर्थकों की मांग है कि मुख्यमंत्री धरना स्थल पर पहुंचकर किसानों और महिलाओं की समस्याएं सुनें और छाता शुगर मिल को लेकर आवश्यक कदम उठाएं।
आंदोलन से जुड़े लोगों का सवाल है कि जब मुख्यमंत्री मथुरा में मौजूद हैं, तो क्या उनकी समस्याएं सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंच पाएंगी।
स्थानीय मुद्दे से आगे पहुंचाने की मांग
आंदोलनकारियों का कहना है कि छाता शुगर मिल का मुद्दा केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं रहना चाहिए। किसानों का दावा है कि मिल बंद होने का असर क्षेत्र के बड़ी संख्या में किसान परिवारों पर पड़ रहा है।
राष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर पर इस मुद्दे की चर्चा को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि, विभिन्न मीडिया संस्थानों द्वारा किसी खबर को कवर करने या न करने के कारणों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। इसलिए इस संबंध में किसी प्रकार की कथित ‘सेटिंग’ या दबाव के दावे को तथ्य के रूप में नहीं कहा जा सकता।
महिलाओं की सीधी मांग—मिल चालू हो
धरना स्थल पर मौजूद महिलाओं का कहना है कि वे किसी राजनीतिक उद्देश्य से आंदोलन नहीं कर रही हैं। उनका कहना है कि वे अपने परिवार और खेती-किसानी से जुड़े भविष्य को लेकर आवाज उठा रही हैं।
महिलाओं और किसानों की मांग है कि सरकार इस मामले में जल्द हस्तक्षेप करे और छाता शुगर मिल के संचालन को लेकर स्पष्ट निर्णय लिया जाए।
अब सरकार के हस्तक्षेप का इंतजार
23 दिन से जारी आंदोलन और बारिश के बीच धरने पर बैठी महिलाओं को अब सरकार की ओर से ठोस पहल का इंतजार है। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं उनकी समस्याएं सुनें और छाता शुगर मिल को लेकर समाधान की दिशा में कदम उठाएं।
छाता शुगर मिल का आंदोलन अब सिर्फ मिल के संचालन की मांग तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि किसान परिवारों की आजीविका और उनकी समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने का माध्यम बन गया है।
अब देखना होगा कि मुख्यमंत्री के मथुरा दौरे के बीच सरकार इस आंदोलन को लेकर क्या कदम उठाती है और किसानों की मांग पर क्या निर्णय सामने आता है।





