
जन एक्सप्रेस /पिथौरागढ़ :- दुर्गम क्षेत्र मुनस्यारी में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में 16 साल 5 माह तक सेवाएं देने वाले ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर प्रताप ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली। लंबे सेवाकाल के बाद राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कार्मिकों ने उन्हें भावभीनी विदाई दी। स्थानीय हिमालय अध्ययन केंद्र में आयोजित विदाई समारोह में सहकर्मियों ने उनके साथ बिताए कार्यकाल के अनुभव साझा किए और उनके योगदान को याद किया।समारोह में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जे.एस. चुफाल ने कहा कि प्रताप ने दुर्गम मुनस्यारी क्षेत्र में लंबे समय तक पूरी जिम्मेदारी और समर्पण के साथ कार्य किया। स्वास्थ्य विभाग में उनके योगदान और अनुभव की कमी निश्चित रूप से महसूस होगी। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्ति जीवन का अंत नहीं, बल्कि एक नए अध्याय की शुरुआत है। अब प्रताप को अपने अनुभव और ऊर्जा के साथ जीवन में नए आयाम स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
उन्होंने प्रताप के स्वस्थ, सुखद और उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि लंबे समय तक विभाग के साथ जुड़े रहने वाले कर्मचारी की विदाई हमेशा भावुक करने वाली होती है। उन्होंने कहा कि प्रताप ने जिस निष्ठा के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाईं, वह अन्य कार्मिकों के लिए भी प्रेरणादायी है।
सहकर्मियों ने साझा कीं यादेंविदाई समारोह में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अधिकारियों और कर्मचारियों ने प्रताप के साथ लंबे समय तक काम करने के अनुभव साझा किए। सहकर्मियों ने कहा कि मुनस्यारी जैसे दुर्गम क्षेत्र में लंबे समय तक सेवाएं देना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। इस दौरान प्रताप ने स्वास्थ्य कार्यक्रमों के संचालन और विभागीय गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सहकर्मियों ने उनके सरल व्यवहार, सहयोगात्मक कार्यशैली और जिम्मेदारियों के प्रति समर्पण को याद करते हुए उनके भावी जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं। विदाई के दौरान माहौल भावुक हो गया।समारोह में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कुलदीप मर्तोलिया, जिला कार्यक्रम प्रबंधक हिमांशु पाण्डेय, नीरज भट्ट, भास्कर जोशी, विवेक कुमार, सोमेन्द्र उपाध्याय, पंकज अवस्थी, पंकज पाण्डेय, योगेश पंत, चन्दन पवार सहित राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
16 साल से अधिक का रहा सेवाकाल
प्रताप ने मुनस्यारी जैसे दुर्गम क्षेत्र में 16 वर्ष 5 माह तक ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर के पद पर अपनी सेवाएं दीं। उनके लंबे सेवाकाल के दौरान स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों के संचालन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के बाद एनएचएम कार्मिकों ने उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें सम्मानपूर्वक विदाई दी।






