नदियों के उफान से दर्जनों गांव जलमग्न, श्रीमऊ-सांडी मार्ग पर आवागमन बंद

जन एक्सप्रेस/हरदोई :- हरदोई।सवायजपुर क्षेत्र में गंगा, रामगंगा, गंभीरी और गर्रा नदियों के बढ़ते जलस्तर ने क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति पैदा कर दी है। नदियों का पानी तटवर्ती गांवों और खेतों में पहुंचने से सैकड़ों बीघा खड़ी फसलें जलमग्न हो गई हैं। कई गांवों में आबादी के बीच बाढ़ का पानी भरने से ग्रामीणों की दिनचर्या प्रभावित हो गई है। वहीं, संपर्क मार्गों पर पानी आने से आवागमन में भी मुश्किलें बढ़ गई हैं।
करनपुर, बेहटा लाखी, अलीशेरपुरवा, पतारपुरवा, चन्द्रमपुर, कटरी छोछपुर, बरगदापुरवा, जीवनपुरवा, खिम्मापुरवा समेत दर्जनों गांव बाढ़ की चपेट में हैं। गांवों में पानी भरने से लोगों को घरों से निकलने, जरूरी सामान लाने और दैनिक जरूरतों के लिए आवागमन करने में परेशानी हो रही है। कई स्थानों पर ग्रामीणों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। पशुओं के लिए चारा जुटाने और उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की समस्या भी ग्रामीणों के सामने खड़ी हो गई है।
विद्यालयों में भरा पानी, बच्चों की पढ़ाई प्रभावित
बाढ़ का पानी प्राथमिक विद्यालय बानामऊ और प्राथमिक विद्यालय बरगदापुरवा के परिसर में भी भर गया है। इसके अलावा कई विद्यालयों को जाने वाले रास्ते जलमग्न होने से बच्चों का आवागमन प्रभावित हुआ है। पानी के बीच से बच्चों के स्कूल पहुंचने में जोखिम को देखते हुए कई स्थानों पर शिक्षण व्यवस्था बाधित होने की स्थिति बन गई है। अभिभावकों को बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।
श्रीमऊ-सांडी मार्ग पर दो से तीन फीट पानी
श्रीमऊ-सांडी मुख्य मार्ग पर करीब दो से तीन फीट बाढ़ का पानी बह रहा है। जलभराव को देखते हुए सांडी-कन्नौज वाया श्रीमऊ मार्ग पर आवागमन रोक दिया गया है। इससे क्षेत्र के लोगों को बाजार, अस्पताल, तहसील और अन्य जरूरी स्थानों तक पहुंचने में परेशानी हो रही है। मार्ग बंद होने से ग्रामीणों को वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है।
खड़ी फसलें डूबीं, किसानों की बढ़ी चिंता
नदियों का पानी खेतों में पहुंचने से सैकड़ों बीघा फसलें जलमग्न हो गई हैं। लगातार जलभराव बने रहने से किसानों को फसल खराब होने की चिंता सता रही है। खेतों में पानी भरने के कारण पशुओं के चारे की व्यवस्था भी प्रभावित होने लगी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जलस्तर में जल्द कमी नहीं आई तो फसलों को भारी नुकसान हो सकता है।
प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी, प्रभावित क्षेत्रों पर नजर
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन और राजस्व विभाग द्वारा प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी की जा रही है। अधिकारियों को जलस्तर और गांवों की स्थिति पर लगातार नजर रखने, संवेदनशील क्षेत्रों में ग्रामीणों को सतर्क करने तथा जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। बाढ़ चौकियों और राहत व्यवस्था को सक्रिय रखने के साथ ही आवश्यकतानुसार नाव, स्वास्थ्य सेवाएं, पेयजल, खाद्य सामग्री तथा पशुओं के लिए चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है।प्रशासनिक स्तर से ग्रामीणों से अपील की गई है कि बाढ़ के पानी में अनावश्यक रूप से आवागमन न करें और बच्चों तथा बुजुर्गों को जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रखें। नदी और तेज बहाव वाले स्थानों पर जाने से भी बचने की सलाह दी गई है। अधिकारियों द्वारा प्रभावित गांवों का निरीक्षण कर जमीनी स्थिति का जायजा लेने तथा आवश्यकता के अनुसार राहत एवं बचाव की व्यवस्था करने की बात कही गई है।बाढ़ की लगातार बदलती स्थिति के बीच ग्रामीणों की नजर अब नदियों के जलस्तर पर टिकी है। ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रभावित गांवों में नियमित निगरानी, आवागमन के लिए सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था और जरूरतमंद परिवारों को तत्काल राहत उपलब्ध कराने की मांग की है।






