बाढ़ में भी बच्चों की सुरक्षित शिक्षा का किया इंतजाम,बीईओ डॉ. सुनील सिंह की सक्रियता की हो रही सराहना
सवायजपुर क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति के बीच बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा को लेकर शिक्षा विभाग की सक्रियता सामने आई है।

बी जी मिश्र
जन एक्सप्रेस /हरदोई :- सवायजपुर क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति के बीच बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा को लेकर शिक्षा विभाग की सक्रियता सामने आई है। खंड शिक्षा अधिकारी डॉ. सुनील सिंह ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के विद्यालयों का लगातार भ्रमण कर स्थिति का जायजा लिया। जलभराव वाले विद्यालयों में शिक्षकों और बच्चों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए कई विद्यालयों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कराया गया।
बाढ़ के कारण कई ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित हुआ है। ऐसे में विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था बनाए रखना शिक्षा विभाग के लिए चुनौतीपूर्ण रहा। खंड शिक्षा अधिकारी डॉ. सुनील सिंह ने इस चुनौती के बीच विद्यालयों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखी। उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर विद्यालयों का निरीक्षण किया और वहां की परिस्थितियों की जानकारी ली।
जहां विद्यालय परिसर या उसके आसपास जलभराव की स्थिति बनी, वहां बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए विद्यालयों को सुरक्षित स्थानों पर संचालित कराने की व्यवस्था की गई। इसके साथ ही संबंधित विद्यालयों में तैनात शिक्षकों के साथ समन्वय बनाकर शिक्षण कार्य को सुचारू रखने पर जोर दिया गया।
बाढ़ के दौरान डॉ. सुनील सिंह कार्यालय तक सीमित रहने के बजाय लगातार अपने कार्यक्षेत्र में भ्रमणशील रहे। उन्होंने प्रभावित विद्यालयों की स्थिति देखी और शिक्षकों से बातचीत कर शिक्षण व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं की जानकारी ली। बच्चों की सुरक्षा और पढ़ाई दोनों को प्राथमिकता देने के उनके प्रयासों की क्षेत्रीय स्तर पर सराहना की जा रही है।
अभिभावकों और स्थानीय लोगों का कहना है कि बाढ़ जैसी विषम परिस्थितियों में विद्यालयों की स्थिति पर लगातार नजर रखना और जरूरत के अनुसार सुरक्षित स्थान पर शिक्षण व्यवस्था कराना महत्वपूर्ण कदम है। डॉ. सुनील सिंह की सक्रियता से प्रभावित क्षेत्रों में बच्चों की पढ़ाई को यथासंभव जारी रखने में मदद मिली है।
शिक्षा विभाग की ओर से बाढ़ प्रभावित विद्यालयों में परिस्थितियों के अनुरूप व्यवस्थाएं बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है। वहीं, खंड शिक्षा अधिकारी की लगातार क्षेत्रीय निगरानी और त्वरित पहल को लेकर शिक्षक एवं स्थानीय लोग उनकी कार्यशैली की सराहना कर रहे हैं।






