हरदोई में गंगा-रामगंगा और गर्रा उफान पर, खतरे के निशान से ऊपर पहुंचा जलस्तर

जन एक्सप्रेस/हरदोई :– हरदोई जिले में बाढ़ की स्थिति विकराल होती जा रही है।यहां गंगा,रामगंगा व गम्भीरी तथा गर्रा नदियों का जलस्तर बेकाबू हो गया है।नदियों में उफान के चलते सवायजपुर व बिलग्राम तहसील के कटरी इलाको में स्थिति भयावह होती जा रही है।हालांकि प्रशासन की तरफ से बाढ़ राहत चौकियों व शरणालयों को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है।प्रशासन लगातार बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर पीड़ितों को राहत पहुंचाने का काम कर रहा है।राजस्व व स्वास्थ्य टीमें पूरी तरह सक्रिय हैं।
रविवार की सुबह गंगा नदी में हरिद्वार से 28,555 क्यूसेक तथा नरौरा से 67,667 क्यूसेक सहित कुल 96,222 क्यूसेक पानी छोड़े जाने की खबर है।वहीं नानकसागर बांध, उत्तराखंड से गर्रा नदी में 1,034 क्यूसेक तथा पीलीभीत स्थित ड्यूनी डैम से 2,164 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
विभाग द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार रविवार की सुबह गंगा, रामगंगा और गर्रा नदियों के जलस्तर में उफान की स्थिति है। हरदोई में राजघाट पर गंगा का जलस्तर 125.980 मीटर पर पहुंच गया है। जो खतरे के निशान125.810 मीटर से 17 सेंटी मीटर ऊपर है। वहीं सांडी स्थित केंद्रीय जल आयोग (CWC) साइट पर गर्रा नदी का जलस्तर 130.150 मीटर रहा, जो खतरे के निशान129.650 मीटर से 50 सेंटी मीटर ऊपर है।रामगंगा नदी भी खतरे के निशान को पार कर गई है। हुल्लापुर में जलस्तर 137.200 मीटर रहा, जो खतरे के निशान 137.100 मीटर से 10 सेंटी मीटर ऊपर बह रही है।
गर्रा नदी के मुमोक्ष आश्रम, शाहजहांपुर में जलस्तर 146.600 मीटर रहा, जो 148.800 मीटर के खतरे के स्तर से नीचे है। नदी के जलस्तर के खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने के कारण तटीय और निचले इलाकों का प्रशासन लगातार जायजा ले रहा है।और बाढ़ पीड़ितों से संवाद कर उनकी समस्यायो का निराकरण कर रहा है।राजस्व टीम के साथ प्रशासन बाढ़ पीड़ितों तक लगातार बाढ़ राहत व जरूरतमंद सामग्री,दवाएं आदि उपलब्ध करा रहा है।






