शराबियों के आतंक से सहमे राहगीर,शराबियों के आतंक से सहमे राहगीर,

जन एक्सप्रेस/जौनपुर: जिले में एक ओर सरकार एंटी चीयर्स अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर रामपुर क्षेत्र के यादव नगर में स्थित देशी शराब के ठेके पर शराबियों का आतंक कम होने का नाम नहीं ले रहा। हालात ये हैं कि शराब के नशे में चूर लोग राह चलते महिलाओं, बच्चियों और आम राहगीरों पर छेड़खानी व अभद्रता कर रहे हैं। डर का आलम ये है कि स्थानीय लोग एक किलोमीटर का चक्कर काटकर रास्ता बदलने पर मजबूर हो गए हैं।
ग्रामीण रास्ता, लेकिन हालात शहरी नशाखोरी जैसे
रामपुर-जमालापुर चौकी क्षेत्र के यादव नगर से सधिरनगंज जाने वाली सड़क पर स्थित इस देशी शराब के ठेके पर शराब पिलाने की खुली छूट है। शासन के सख्त निर्देश के बावजूद दुकान के सामने और आसपास शराबखोरी का अड्डा बना हुआ है।
यह रास्ता यादव नगर बाजार से होते हुए गंधौना, मधुपट्टी, मनापुर, मठिया, बनीडीह तक जाता है, और रोजाना सैकड़ों महिलाएं, छात्र-छात्राएं व मजदूर वर्ग इसी मार्ग से आवागमन करते हैं। लेकिन शराबियों की वजह से राहगीर डर और दहशत में हैं।
शराबियों की बदतमीजी, महिलाएं असहज
स्थानीय लोगों का कहना है कि शराब पीकर झूमते नशेड़ियों की आवाजाही पर कोई रोक नहीं, और अक्सर ये लोग राह चलती महिलाओं और बच्चियों पर छिटाकशी, फब्तियां और गाली-गलौज करते हैं।
“कई बार शिकायत की गई, लेकिन कार्रवाई शून्य है।” – स्थानीय ग्रामीण
एंटी चीयर्स अभियान सिर्फ कागजों पर?
प्रदेश भर में चल रहे एंटी चीयर्स अभियान के तहत सख्त निर्देश हैं कि शराब की दुकानों के पास पीने की व्यवस्था नहीं होनी चाहिए, लेकिन यादव नगर में स्थिति इसके बिल्कुल उलट है। शराब दुकान पर न सिर्फ खुलेआम शराब परोसी जा रही है, बल्कि नशेड़ी वहां घंटों बैठकर उत्पात मचाते हैं।
प्रशासन की चुप्पी, जनता की बेबसी
लोगों ने कई बार प्रशासन और पुलिस से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे शराबियों के हौसले और बुलंद हो गए हैं। महिलाओं को अकेले निकलना मुश्किल हो गया है, स्कूली बच्चों को डर के कारण घर से निकालने में भी अभिभावक डरते हैं।
अब सवाल ये है:
क्या एंटी चीयर्स अभियान सिर्फ दिखावा है?
कब तक आम लोग शराबियों के डर से रास्ता बदलते रहेंगे?
क्या किसी बड़ी घटना का इंतज़ार है?






