
नई टिहरी में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में भारत निर्वाचन आयोग के प्रधान सचिव एस. बी. जोशी ने जनपद में आयोजित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में भाग लिया। इस बैठक का उद्देश्य जिले में चल रही पुनरीक्षण प्रक्रिया की तैयारियों, प्रगति और व्यवस्थाओं का जायजा लेना था।
बैठक के दौरान जनपद स्तर पर चल रहे कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई। अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी ने जानकारी देते हुए बताया कि निर्वाचन से संबंधित सभी आवश्यक प्रिंटिंग कार्य पूरे कर लिए गए हैं। इसके साथ ही निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े सभी अधिकारियों, जैसे ईआरओ (Electoral Registration Officer), एईआरओ (Assistant Electoral Registration Officer) और नामित नोडल अधिकारियों को उनके दायित्वों से अवगत करा दिया गया है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि जनपद में 93.98 प्रतिशत मैपिंग कार्य पूरा हो चुका है, जो इस दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
बैठक में यह भी बताया गया कि राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद स्थापित कर आवश्यक सुझाव और सहयोग प्राप्त किया जा चुका है। जनपद में कुल 963 पोलिंग स्टेशनों के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं को सुनिश्चित किया जा रहा है ताकि मतदान प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न हो सके।
प्रधान सचिव एस.बी. जोशी ने बैठक में मौजूद सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे बीएलओ (Booth Level Officer) प्रशिक्षण में अनिवार्य रूप से भाग लें। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि निर्वाचन से संबंधित सभी दस्तावेजों का संधारण पूरी सावधानी और विस्तार से किया जाए, जिससे किसी भी प्रकार की त्रुटि की संभावना समाप्त हो सके।
अपने संबोधन में प्रधान सचिव ने विशेष गहन पुनरीक्षण के महत्व को रेखांकित करते हुए भारतीय संविधान के अनुच्छेद 325 और 326 का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि ये प्रावधान सभी नागरिकों को समान मताधिकार सुनिश्चित करते हैं और किसी भी प्रकार के भेदभाव को समाप्त करते हैं। इसके साथ ही उन्होंने लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी भी दी।
उन्होंने विशेष रूप से धारा 16 के तहत अयोग्यता, धारा 19 में मतदाता सूची में पंजीकरण की शर्तें, धारा 22 में नामों के संशोधन, जोड़ एवं विलोपन, धारा 24 में अपील की व्यवस्था और धारा 31 के अंतर्गत एक से अधिक स्थानों पर नाम दर्ज होने की स्थिति में दंडात्मक प्रावधानों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि इन सभी नियमों का पालन सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है, ताकि निर्वाचन प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी बनी रहे।
बैठक के अंत में प्रधान सचिव ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम को निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पूरी गंभीरता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ संपादित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या त्रुटि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस महत्वपूर्ण बैठक में एडीईओ निर्वाचन विजय तिवारी, आईएएस प्रशिक्षु ज्योति, एसडीएम घनसाली मंजू, एसडीएम धनौल्टी नीलू, एसडीएम नरेंद्रनगर आशीष, डीडीओ मो. असलम, सीएओ विजय देवराड़ी, सूचना एवं विज्ञान अधिकारी शिवम त्रिपाठी, एआरटीओ सतेंद्र राज और प्रशासनिक अधिकारी जवाहर सहित कई अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
जनपद में इस तरह की सघन तैयारियों से यह स्पष्ट है कि प्रशासन आगामी निर्वाचन प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।






