घनसाली के अधिशासी अभियंता डी.सी. नौटियाल का उत्तरकाशी तबादला
सामाजिक संगठनों ने दी भावभीनी विदाई

जन एक्सप्रेस/ घनसाली: लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) घनसाली के अधिशासी अभियंता डी.सी. नौटियाल के प्रांतीय खंड उत्तरकाशी स्थानांतरण पर क्षेत्र के विभिन्न सामाजिक संगठनों एवं स्थानीय नागरिकों ने उन्हें भावभीनी विदाई दी। इस अवसर पर उनके कार्यकाल की उपलब्धियों को याद करते हुए लोगों ने विकास कार्यों और जनहित के प्रति उनके योगदान की सराहना की।
कार्यशैली और जनसंपर्क की हुई प्रशंसा
उत्तराखंड शासन की हालिया स्थानांतरण सूची के अनुसार डी.सी. नौटियाल का तबादला प्रांतीय खंड उत्तरकाशी किया गया है। वे घनसाली में दो बार अधिशासी अभियंता के पद पर कार्यरत रहे।
स्थानीय लोगों ने कहा कि अपने सरल स्वभाव, कार्यकुशलता और बेहतर समन्वय क्षमता के कारण उन्होंने विभाग और आम जनता के बीच मजबूत विश्वास कायम किया। जटिल और विवादित मामलों को भी वे संवाद के माध्यम से सुलझाने का प्रयास करते थे।
आपदा और विकास कार्यों में निभाई अहम भूमिका
डी.सी. नौटियाल के कार्यकाल में घनसाली क्षेत्र की सड़कों के रखरखाव पर विशेष ध्यान दिया गया, जिससे अधिकांश सड़कें गड्ढा मुक्त रहीं।
वर्ष 2024 की आपदा के दौरान राहत एवं पुनर्स्थापना कार्यों में उनकी भूमिका को भी लोगों ने सराहा। चारधाम यात्रा मार्ग पर मुयालगांव में मात्र 48 घंटे के भीतर वैली ब्रिज का निर्माण कर यातायात बहाल कराया गया, जिसे महत्वपूर्ण उपलब्धि माना गया।
इसके अतिरिक्त बूढ़ाकेदार के कोट विशन क्षेत्र में 45 मीटर स्पान का वैली ब्रिज भी कम समय में तैयार कराया गया। उनके प्रयासों से घनसाली क्षेत्र में विभिन्न नदी-नालों पर 10 नए पुलों की स्वीकृति मिली। साथ ही आपदा की दृष्टि से संवेदनशील बूढ़ाकेदार क्षेत्र के लिए 125 मीटर स्पान के डबल लेन मोटर पुल की स्वीकृति भी उनके कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल रही।
नव नियुक्त अधिशासी अभियंता का हुआ स्वागत
विदाई समारोह में एडवोकेट लोकेंद्र दत्त जोशी, केशर सिंह रावत, विनोद लाल शाह, संदीप आर्य, राजेंद्र उनियाल, आनंद कठैत, दीपक उनियाल, शंभू प्रसाद उनियाल, धनिराम तनवान सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने डी.सी. नौटियाल को पुष्पमालाएं पहनाकर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर घनसाली में नव नियुक्त अधिशासी अभियंता मनोज राठौर का भी गर्मजोशी से स्वागत किया गया।






