विधानमंडल में शिक्षा और शिक्षकों का मुद्दा छाया, विपक्ष के तीखे सवालों पर सरकार ने दिया जवाब
शीतकालीन सत्र में परिषदीय स्कूलों, शिक्षक भर्ती और स्कूल मर्जर पर हुई लंबी बहस

जन एक्सप्रेस लखनऊ।(हेमनारायण हेमू):उत्तर प्रदेश विधानमंडल के शीतकालीन सत्र के दौरान मंगलवार को सदन में शिक्षा व्यवस्था को लेकर जोरदार बहस देखने को मिली। विपक्ष ने परिषदीय स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता, शिक्षकों की कमी और उनसे कराई जा रही गैर-शैक्षणिक ड्यूटी पर सवाल उठाए, जिस पर सरकार की ओर से विस्तृत जवाब दिया गया।
1.5 लाख शिक्षक पद खाली, छह साल से भर्ती नहीं— सपा
सपा विधायक सचिन यादव ने कहा कि प्रदेश के स्कूलों में करीब 1.5 लाख शिक्षकों के पद खाली हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षक पढ़ाने के बजाय चुनाव ड्यूटी, एसआईआर, मिड-डे मील और अन्य प्रशासनिक कार्यों में लगाए जा रहे हैं। हर साल करीब 12 हजार शिक्षक सेवानिवृत्त हो रहे हैं, लेकिन पिछले छह वर्षों से कोई नई भर्ती नहीं हुई।
कोई स्कूल बंद नहीं हुआ, सिर्फ मर्ज किए गए— मंत्री संदीप सिंह
विपक्ष के आरोपों पर जवाब देते हुए बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में कोई भी स्कूल बंद नहीं किया गया है। जिन स्कूलों में एक किलोमीटर के दायरे में 50 से कम बच्चे थे, उन्हें मर्ज किया गया है। इससे छात्रों और शिक्षकों की संख्या बढ़ी है। खाली हुए स्कूलों में बाल वाटिका संचालित की जा रही है।
शिक्षकों के तबादले हुए पारदर्शी
मंत्री ने बताया कि शिक्षकों के तबादले की प्रक्रिया को ऑनलाइन किया गया है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है। अब शिक्षक ऑनलाइन आवेदन कर म्यूचुअल ट्रांसफर भी ले सकते हैं। इसके साथ ही शिक्षकों के लिए कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा की भी घोषणा की गई।
शिक्षकों को बना दिया गया डाटा एंट्री ऑपरेटर— विपक्ष
विधायक ब्रजेश कटारिया ने कहा कि शिक्षकों को डाटा एंट्री जैसे कार्यों में उलझा दिया गया है, जिससे पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि इसी वजह से गरीब परिवार अपने बच्चों को निजी स्कूलों में भेजने को मजबूर हैं।
स्कूल मर्जर और शिक्षामित्रों पर सवाल
विधायक डॉ. रागिनी ने स्कूलों के मर्जर पर सवाल उठाते हुए पूछा कि बीते आठ वर्षों में बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए सरकार ने क्या कदम उठाए। उन्होंने शिक्षामित्रों के समायोजन और मानदेय बढ़ाने की भी मांग उठाई।
ऑपरेशन कायाकल्प से बदली परिषदीय स्कूलों की तस्वीर
सरकार की ओर से जवाब देते हुए मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि ऑपरेशन कायाकल्प के तहत परिषदीय स्कूलों की स्थिति में बड़ा सुधार हुआ है। वर्तमान में 65 प्रतिशत स्कूलों में फर्नीचर उपलब्ध है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत मातृभाषा, स्थानीय भाषा और हिंदी में पढ़ाई कराई जा रही है, जबकि अंग्रेजी को विषय के रूप में पढ़ाया जा रहा है।
मनरेगा पर भी हुई बहस
मनरेगा को लेकर मंत्री विजय लक्ष्मी गौतम ने कहा कि अब रोजगार के दिन 100 से बढ़ाकर 125 कर दिए गए हैं। मजदूरों को काम करने के सात दिन के भीतर भुगतान मिलेगा। फसल कटाई के समय 60 दिनों तक मनरेगा कार्य रोका जाएगा।
अनुपूरक बजट और विधेयकों पर भी चर्चा
सत्र के दौरान अनुपूरक बजट, विभिन्न विधेयकों और सीएजी रिपोर्ट पर भी चर्चा होनी है। सोमवार को पेश किए गए अनुपूरक बजट के बाद आज का सत्र भी हंगामेदार रहने की संभावना जताई जा रही है।






