बेड़ीजोर में श्रीमद्भागवत कथा का समापन, कृष्ण-सुदामा प्रसंग

जन एक्सप्रेस/हरपालपुर: हरपालपुर क्षेत्र के ग्राम बेड़ीजोर स्थित ठाकुर जी ट्रेडर्स में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के समापन अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण के विवाह, सुदामा चरित्र और राजा परीक्षित के मोक्ष का मार्मिक वर्णन किया गया। कथा व्यास राधावल्लभ मिश्र ने इन प्रसंगों के माध्यम से समाज को प्रेम, मित्रता और मुक्ति का गहरा संदेश दिया।
कथा व्यास ने श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह प्रसंग सुनाते हुए कहा कि रुक्मिणी जी ‘भक्ति’ का स्वरूप हैं। जब भक्त सच्चे मन से परमात्मा को पुकारता है, तो भगवान उसे अपनाने स्वयं आते हैं। वहीं, सुदामा चरित्र का वर्णन करते हुए उन्होंने बताया कि सच्ची मित्रता में अमीरी-गरीबी का कोई स्थान नहीं होता। आज के स्वार्थपूर्ण युग में कृष्ण-सुदामा की मित्रता निस्वार्थ प्रेम और अटूट विश्वास की प्रेरणा देती है।
कथा के अंत में राजा परीक्षित के मोक्ष का प्रसंग सुनाते हुए व्यास जी ने संदेश दिया कि मृत्यु अटल है, लेकिन प्रभु की भक्ति और सत्कर्म ही जीव को भवसागर से पार उतारते हैं। उन्होंने युवाओं को संस्कारों से जुड़ने और माता-पिता की सेवा का संकल्प दिलाया।
इस अवसर पर मुख्य रूप से धैर्य प्रताप सिंह ‘मोनू’, अभिषेक प्रताप सिंह, देवेंद्र सिंह तोमर, शौर्य प्रताप सिंह, हरिपाल सिंह और रामवीर सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।






