हमीरपुर: गैंगस्टर के चार गुनहगारों को 3-3 साल की कड़ी सजा, एडीजीसी सुशील त्रिपाठी की पैरवी से मिली सफलता

जन एक्सप्रेस/हमीरपुर: जनपद के सुमेरपुर क्षेत्र में आतंक और भय का माहौल पैदा कर अवैध लाभ कमाने वाले चार शातिर अपराधियों को आखिरकार कानून के शिकंजे में कस दिया गया है। गैंगस्टर कोर्ट के विद्वान न्यायाधीश अनिल कुमार खरवार ने चारों अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए तीन-तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
एडीजीसी सुशील कुमार त्रिपाठी की दमदार पैरवी
इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी सुशील कुमार त्रिपाठी ने ‘आपरेशन कन्विक्शन’ के तहत प्रभावी पैरवी की। लंबी बहस और पुख्ता सबूतों के आधार पर अदालत ने अभियुक्तों के कृत्य को गंभीर माना और सजा के साथ-साथ प्रत्येक पर पांच-पांच हजार रुपये (कुल 20 हजार) का जुर्माना भी लगाया।
क्या था पूरा मामला?
यह मामला साल 2011 का है, जब सुमेरपुर पुलिस ने क्षेत्र में गिरोह बनाकर आर्थिक और भौतिक लाभ के लिए जनता में डर पैदा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की थी। 10 नवंबर 2011 को दर्ज मु0अ0सं0-1440/2011 (धारा-2/3 गैंगस्टर एक्ट) के तहत पुलिस ने निम्नलिखित के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी:
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लल्ला सिंह उर्फ अरविंद (पत्योरा निवासी, हिस्ट्रीशीटर नं. 379ए)
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वीर सिंह (पत्योरा निवासी, हिस्ट्रीशीटर नं. 217ए)
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अमर सिंह (पचखुरा निवासी)
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हुकुम सिंह (रुरीपारा निवासी)
जांच और अदालती फैसला
मामले की गहन जांच तत्कालीन एसआई गिरेंद्र कुमार सिंह ने पूरी की थी। अदालत ने पाया कि इन अभियुक्तों ने संगठित रूप से अपराध कर समाज की शांति भंग की थी। सजा सुनाए जाने के बाद पुलिस महकमे और अभियोजन विभाग ने इसे अपराधियों के खिलाफ एक बड़ी जीत बताया है।







