शाहगंज में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन: राष्ट्रभक्ति और हास्य से गूंजा मंच
देर रात तक झूमे श्रोता

जन एक्सप्रेस/ जौनपुर: सांस्कृतिक एवं साहित्यिक संस्था संस्कार भारती के तत्वावधान में अध्यक्ष रचित चौरसिया के नेतृत्व में आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन गुरुवार देर रात तक उत्साहपूर्ण और साहित्यिक माहौल में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में देश के विभिन्न हिस्सों से आए कवियों एवं कवियित्रियों ने अपनी ओजपूर्ण, हास्य, व्यंग्य, गीत-ग़ज़ल और श्रृंगार रस से भरपूर प्रस्तुतियों से श्रोताओं को देर रात तक बांधे रखा।
कार्यक्रम का शुभारंभ भुवनेश्वर मोदनवाल एवं आनंद प्रेमी के ध्येय गीत और शंखनाद से हुआ। इसके बाद मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत की गई।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि वीरेंद्र सिंह बंटी तथा विशिष्ट अतिथियों में पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष गीता प्रदीप जायसवाल, काशी प्रांत महामंत्री सुजीत श्रीवास्तव, शिव व्रत चिल्ड्रन एकेडमी के निदेशक शशांक सिंह, संरक्षक अरविन्द अग्रहरी, दिनेश मोदनवाल एवं दिलीप सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कवि सम्मेलन में भारतीय संस्कृति, साहित्य और सामाजिक समरसता के संरक्षण पर विशेष जोर दिया गया। कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से राष्ट्रप्रेम, मानवीय मूल्यों और सामाजिक चेतना का संदेश दिया।
प्रयागराज से आए हास्य कवि बिहारी लाल अम्बर ने अपनी चुटीली कविताओं से श्रोताओं को खूब गुदगुदाया। उनकी पंक्तियां —
“पत्नी बोली तुम कवि हो, कुछ काम भी कर लिया करो,
मैं बोला कविता लिखता हूं, देश का नाम भी कर लिया करो।”
पर श्रोता ठहाकों से गूंज उठे।
वहीं प्रतापगढ़ की कवियित्री प्रीति पाण्डेय ने श्रृंगार रस की मधुर प्रस्तुति से महफिल में समां बांध दिया। उनकी पंक्तियां —
“तेरी यादों की खुशबू से महकता रहा आंगन मेरा,
चांदनी रात में जैसे उतर आया हो सवेरा।”
को दर्शकों ने खूब सराहा।
ओज कवि डॉ. योगेंद्र मिश्रा ‘विश्वबंधु’ ने राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत रचनाओं से युवाओं में जोश भर दिया, जबकि सभाजीत द्विवेदी ‘प्रखर’ ने व्यंग्य के माध्यम से सामाजिक विसंगतियों पर करारा प्रहार किया।
प्रीता बाजपेयी, डॉ. नीलिमा मिश्रा, प्रतिमा मिश्रा और शंभूनाथ श्रीवास्तव ‘शंभू’ ने गीत-ग़ज़ल और भावपूर्ण प्रस्तुतियों से श्रोताओं का मन मोह लिया। जौनपुर के हास्य कवि ‘बेहोश’ ने हास्य रस की फुहार बिखेरी, वहीं विभा तिवारी और प्रीति पाण्डेय ने श्रृंगार रस से कार्यक्रम को भावपूर्ण बना दिया।
कार्यक्रम का संचालन महामंत्री वीरेंद्र यादव ने किया। संस्था अध्यक्ष रचित चौरसिया, कोषाध्यक्ष प्रवीण बरनवाल, संयोजक सतीश यादव ‘बड़ेलाल’ सहित बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों और कवियों का आभार व्यक्त किया।





