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कनाडा में भारतीय संस्कृति का गौरव बढ़ाया, ब्रिटिश कोलंबिया में डॉ. चिन्मय पंड्या हुए सम्मानित

जन एक्सप्रेस /उत्तरकाशी अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज के युवा प्रतिनिधि डॉ. चिन्मय पंड्या ने कनाडा दौरे के दौरान भारतीय संस्कृति, जीवन-मूल्यों और समग्र स्वास्थ्य के संदेश को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय आध्यात्मिक परंपरा का गौरव बढ़ाया। इस दौरान उन्हें कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया राज्य के वरिष्ठ प्रतिनिधि मनदीप धालीवाल द्वारा सम्मानित भी किया गया।

शांतिकुंज मीडिया विभाग द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, डॉ. चिन्मय पंड्या जन्मशताब्दी वर्ष के अंतर्गत संचालित विभिन्न अभियानों के प्रचार-प्रसार और मार्गदर्शन के लिए कनाडा पहुंचे थे। उन्होंने वहां स्थानीय गायत्री परिवार के साधकों को युगऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्य के विचारों, भारतीय संस्कृति और नैतिक जीवन मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया।

कनाडा के प्रमुख शहर वैंकूवर में आयोजित भव्य गायत्री दीप महायज्ञ कार्यक्रम में स्थानीय सांसदों, मेयरों और अनेक गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया। इस अवसर पर विश्वशांति, सद्भावना और मानव कल्याण की कामना के साथ दीप यज्ञ संपन्न हुआ। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. पंड्या ने भारतीय संस्कृति की पारिवारिक एवं सामाजिक जीवन में भूमिका पर प्रकाश डाला और आध्यात्मिक जीवनशैली को वर्तमान समय की आवश्यकता बताया।

इसके अलावा वैंकूवर में आयोजित कनाडा-इंडिया नेटवर्क सोसाइटी तथा ग्लोबल एसोसिएशन ऑफ फिजिशियंस ऑफ इंडियन ओरिजिन की विशेष कॉन्फ्रेंस में भी डॉ. चिन्मय पंड्या विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने आधुनिक चिकित्सा विज्ञान और भारतीय ज्ञान परंपरा के समन्वय पर बल देते हुए कहा कि शरीर, मन और बुद्धि का संतुलित विकास ही स्वस्थ एवं सफल जीवन का आधार है।

इस अवसर पर ब्रिटिश कोलंबिया राज्य के वरिष्ठ प्रतिनिधि मनदीप धालीवाल ने डॉ. चिन्मय पंड्या को समाज, शिक्षा, संस्कृति और मानवीय मूल्यों के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया। यह सम्मान भारतीय संस्कृति के वैश्विक प्रसार और मानव कल्याण के प्रति उनके समर्पण का प्रतीक माना जा रहा है।

कनाडा में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से डॉ. पंड्या ने न केवल भारतीय संस्कृति का संदेश पहुंचाया, बल्कि विश्व समुदाय के सामने भारतीय जीवन दर्शन और आध्यात्मिक मूल्यों की प्रासंगिकता को भी प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया।

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