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टिहरी के स्कूलों में यज्ञ और नैतिक जागरण से चलेगा नशामुक्ति अभियान, शिक्षा विभाग की मंजूरी

जन एक्सप्रेस /नई टिहरी :- नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान को अब स्कूलों तक ले जाने की तैयारी शुरू हो गई है। जिलाधिकारी के निर्देश पर टिहरी गढ़वाल शिक्षा विभाग ने जनपद के राजकीय, सहायता प्राप्त और निजी विद्यालयों में नशामुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति दी है। अभियान के तहत स्कूल परिसरों में यज्ञ, नैतिक जागरण और जनजागरण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय की ओर से 1 जुलाई 2026 को जारी पत्र के अनुसार, गायत्री शक्तिपीठ नई टिहरी के प्रस्ताव पर विद्यालयों में नशामुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाने हैं। जिलाधिकारी के आदेश के क्रम में गायत्री परिवार के अधिकृत प्रतिनिधि विद्यालयों में पहुंचकर कार्यक्रम संचालित करेंगे। इस अभियान का मार्गदर्शन राज्य आंदोलनकारी देवी सिंह पवार द्वारा किए जाने की जानकारी दी गई है।

यज्ञ के साथ बच्चों को नशे के दुष्प्रभावों की दी जाएगी जानकारी

अभियान के दौरान हवन-यज्ञ, प्रेरक व्याख्यान, व्यक्तित्व निर्माण और जीवन मूल्यों पर आधारित जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को कम उम्र से ही नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और स्वस्थ एवं अनुशासित जीवन के लिए प्रेरित करना है।

शिक्षा विभाग का जोर कार्यक्रम को केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित रखने के बजाय नशामुक्ति, नैतिक शिक्षा और चरित्र निर्माण पर केंद्रित रखने पर है।

स्कूलों के लिए छह अहम शर्तें

मुख्य शिक्षा अधिकारी ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को कार्यक्रम के संबंध में जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। स्कूलों को गायत्री परिवार के प्रतिनिधियों के साथ समन्वय कर कार्यक्रम की तिथि तय करनी होगी, ताकि नियमित शिक्षण कार्य कम से कम प्रभावित हो।

कार्यक्रम के दौरान सभी विद्यार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित करने, अनुशासन और सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। विद्यार्थियों या अभिभावकों से कार्यक्रम के नाम पर किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा

कार्यक्रम समाप्त होने के बाद संबंधित विद्यालयों को संक्षिप्त रिपोर्ट और फोटो शिक्षा कार्यालय को भेजने होंगे।

विद्यालयों और समाज की साझी जिम्मेदारी पर जोर

शिक्षा विभाग का मानना है कि नशे की समस्या से निपटने के लिए केवल पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। समाज, परिवार और विद्यालयों को मिलकर बच्चों में जागरूकता और नैतिक चेतना विकसित करनी होगी।

टिहरी में शुरू किए जा रहे इस अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों को नशे से दूर रखने के साथ उन्हें स्वस्थ जीवनशैली और सकारात्मक सोच के लिए प्रेरित करना है। कार्यक्रम की सफलता और प्रभाव के आधार पर भविष्य में ऐसे जागरूकता अभियानों को और व्यापक रूप दिए जाने की संभावना है।

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