
जन एक्सप्रेस /आजमगढ़ :- जिले के गंभीरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत गोमाडीह में जमीन विवाद को लेकर दो दलित महिलाओं के साथ सड़क पर दौड़ाकर मारपीट और कपड़े फाड़ने का कथित मामला सामने आया है। पीड़ित महिलाओं ने स्थानीय पुलिस पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाते हुए अब पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर न्याय और सुरक्षा की गुहार लगाई है। घटना का एक कथित वीडियो भी सामने आने की बात कही जा रही है।
पीड़िता आशा पत्नी हरिश्चंद्र सरोज और सुनीता पत्नी सिचंद सरोज ने पुलिस अधीक्षक को दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया कि गांव के कुछ प्रभावशाली लोग जमीन पर अवैध कब्जा किए हुए हैं। महिलाओं का दावा है कि क्षेत्र की करीब 128 बीघा ताल भूमि और 6 बीघा अतिरिक्त जमीन पर कब्जे को लेकर उन्होंने विरोध किया था, जिसके बाद उनके साथ मारपीट की गई।
22 जुलाई को भी मारपीट का आरोप
पीड़िताओं के अनुसार, 22 जुलाई 2026 को भी उनके साथ मारपीट की गई थी। इस संबंध में गंभीरपुर थाने में लिखित शिकायत देने के साथ जिला अस्पताल आजमगढ़ में मेडिकल परीक्षण कराया गया था। महिलाओं का आरोप है कि मेडिकल में चोटों की पुष्टि होने के बावजूद पुलिस ने मामले में प्रभावी कार्रवाई नहीं की।
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि कार्रवाई नहीं होने से आरोपियों के हौसले बढ़े और 30 जुलाई 2026 को दोनों महिलाओं को दोबारा घेर लिया गया। आरोप है कि उन्हें सड़क पर दौड़ाकर पीटा गया और मारपीट के दौरान कपड़े भी फट गए।
पीड़ित महिलाओं ने गांव के आशीष राय, अतुल राय, हरिओम राय, रमेश राय, लफू यादव, हरिप्रसाद यादव, अतुल यादव और मनोज यादव समेत कई लोगों को नामजद करते हुए कार्रवाई की मांग की है।
एसपी से सुरक्षा और कार्रवाई की मांग
स्थानीय थाने से संतोषजनक कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष जांच, आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।
मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। पुलिस जांच और अधिकारियों की कार्रवाई के बाद ही घटना की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।






