
जन एक्सप्रेस /पिथौरागढ़ :- जनपद के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. जे. एस. चुफाल ने शुक्रवार को जिला महिला अस्पताल का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने साफ-सफाई, वार्डों की स्थिति, मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं और कर्मचारियों की उपस्थिति की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ड्यूटी में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
समयपालन और जिम्मेदारी पर दिया जोर
निरीक्षण के दौरान सीएमओ ने अस्पताल की उपस्थिति पंजिका की जांच की और सभी चिकित्सकों एवं कर्मचारियों को समय पर ड्यूटी पर उपस्थित रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समयपालन बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की पहली शर्त है और इसमें किसी भी तरह की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।
मरीजों से लिया फीडबैक
डॉ. चुफाल ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों का निरीक्षण कर भर्ती मरीजों से सीधे बातचीत की। उन्होंने उपचार, दवाओं की उपलब्धता, भोजन की गुणवत्ता और अस्पताल में मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी ली। मरीजों से मिले सुझावों और फीडबैक के आधार पर संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए।
नर्सिंग स्टाफ की कमी पर तत्काल कार्रवाई
निरीक्षण के दौरान महिला अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ की कमी सामने आने पर सीएमओ ने तुरंत संज्ञान लिया। उन्होंने मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. ए. के. सिंह से दूरभाष पर वार्ता कर महिला अस्पताल में चार नर्सिंग स्टाफ की तैनाती सुनिश्चित करने का अनुरोध किया, ताकि मरीजों को बेहतर और निर्बाध स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
बायो-मेडिकल वेस्ट प्रबंधन पर भी दिए निर्देश
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने अस्पताल में बायो-मेडिकल वेस्ट प्रबंधन की व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जैव-चिकित्सा अपशिष्ट का सुरक्षित और निर्धारित मानकों के अनुरूप निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि स्वच्छता और संक्रमण नियंत्रण में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
नियमित होंगे औचक निरीक्षण
निरीक्षण के अंत में डॉ. जे. एस. चुफाल ने कहा कि जनपद के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में नियमित औचक निरीक्षण जारी रहेंगे। उनका उद्देश्य मरीजों को बेहतर, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को सभी व्यवस्थाओं को प्राथमिकता के आधार पर सुदृढ़ करने और प्रत्येक कर्मचारी को पूरी जिम्मेदारी एवं निष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने के निर्देश दिए।






