
जन एक्सप्रेस /हरिद्वार :- शांतिकुंज की समर्पित कार्यकर्त्री गीता देवी सिंह का 80 वर्ष की आयु में निधन हो गया। गुरुवार को हरिद्वार स्थित श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनके पुत्र रविकांत सिंह और शशिकांत सिंह ने उन्हें मुखाग्नि दी।
1991 से शांतिकुंज मिशन की सेवा में रहीं समर्पित
गीता देवी सिंह वर्ष 1991 में अपने पति स्वर्गीय वेदनारायण सिंह के साथ शांतिकुंज आई थीं। इसके बाद उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन युगऋषि पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य के मिशन की सेवा, साधना और रचनात्मक गतिविधियों को समर्पित कर दिया।
उनकी सादगी, विनम्रता, ममतामयी स्वभाव और आत्मीय व्यवहार के कारण वे शांतिकुंज परिवार में विशेष पहचान रखती थीं।
महिला मंडल के माध्यम से निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
शांतिकुंज महिला मंडल के माध्यम से गीता देवी सिंह ने अनेक महिलाओं को मिशन की विचारधारा और विभिन्न सामाजिक एवं रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनका प्रेरणादायी व्यक्तित्व मिशन से जुड़े कार्यकर्ताओं के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगा।
दोनों पुत्र भी मिशन की सेवा में
गीता देवी सिंह ने अपने दोनों पुत्रों रविकांत सिंह (लेखा विभाग) और शशिकांत सिंह (संगीत विभाग) को भी युग निर्माण योजना के कार्यों के लिए समर्पित किया। वर्तमान में दोनों अपने परिवार सहित शांतिकुंज में रहकर मिशन की विभिन्न सेवाओं में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
उनके निधन पर शांतिकुंज परिवार, गायत्री परिवार के कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
संवाददाता : चंद्रप्रकाश बहुगुणा | जन एक्सप्रेस






