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शांतिकुंज की संस्कृति ज्ञान परीक्षा से काशीपुर के हजारों छात्र जुड़ेंगे, भारतीय संस्कारों और जीवन-मूल्यों से जोड़ने की पहल

जन एक्सप्रेस /हरिद्वार :- गायत्री परिवार शांतिकुंज, हरिद्वार के तत्वावधान में आयोजित होने वाली भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा का अभियान इस वर्ष काशीपुर और आसपास के क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर शुरू किया गया है। अभियान के तहत काशीपुर, प्रतापपुर, कुंडेश्वरी, मझरा, कनकपुर, रामनगर रोड सहित कई इंटर कॉलेजों, महाविद्यालयों और विद्यालयों में विद्यार्थियों को परीक्षा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

इस पहल का उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक दिलाना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति जागरूक बनाना है।

संस्कृति और आधुनिक शिक्षा का समन्वय

आयोजकों के अनुसार, भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा विद्यार्थियों को वेद, पुराण, महापुरुषों के जीवन, योग, पर्यावरण संरक्षण और भारतीय जीवन-मूल्यों से परिचित कराती है। उनका कहना है कि शिक्षा केवल डिग्री तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उसमें चरित्र निर्माण और संस्कारों का समावेश भी आवश्यक है।

परीक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ते हुए आधुनिक शिक्षा के साथ संतुलित दृष्टिकोण विकसित करना है।

स्थानीय स्वयंसेवकों की अहम भूमिका

अभियान के सफल संचालन में स्थानीय स्वयंसेवकों और समाजसेवियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। परीक्षा समन्वय में राजीव झा, पुष्पा झा, अनीता, दमयंती निखरे, वर्मा जी, सर्वेश रस्तौगी और अंकित शर्मा सक्रिय रूप से विद्यालयों में संपर्क, जागरूकता और पंजीकरण कार्य में सहयोग कर रहे हैं।

ज्ञान के साथ संस्कार देने का प्रयास

आयोजकों का कहना है कि आज का विद्यार्थी आधुनिक विज्ञान और तकनीक से परिचित है, लेकिन उसे भारतीय परंपराओं, जीवन-मूल्यों और सांस्कृतिक विरासत की जानकारी भी मिलनी चाहिए। इसी उद्देश्य से परीक्षा में ऐसे विषयों को शामिल किया गया है, जो विद्यार्थियों में ईमानदारी, सेवा, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे मूल्यों को प्रोत्साहित करते हैं।

शांतिकुंज की ओर से यह भी बताया गया कि परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रतिवर्ष हरिद्वार स्थित शांतिकुंज में सम्मानित किया जाता है।

देशभर में आयोजित होती है परीक्षा

भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा देश के विभिन्न राज्यों में आयोजित की जाती है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति के प्रति जागरूकता बढ़ाना और राष्ट्र निर्माण के मूल्यों को मजबूत करना है। आयोजकों का मानना है कि ज्ञान, विज्ञान और संस्कार का समन्वय ही भविष्य के सशक्त भारत की आधारशिला है।

संवाददाता: चंद्रप्रकाश बहुगुणा

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