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पिथौरागढ़ में मुवानी स्वास्थ्य पखवाड़े का सफल समापन, अंतिम दिन 558 मरीजों ने ली विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं

जन एक्सप्रेस /पिथौरागढ़ :- मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जे. एस. चुफाल के निर्देशन में विकासखंड कनालीछीना के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मुवानी में आयोजित तीन दिवसीय स्वास्थ्य पखवाड़े का शनिवार को सफल समापन हुआ। शिविर के अंतिम दिन 558 मरीजों ने विशेषज्ञ चिकित्सकों से निशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण, परामर्श, जांच और उपचार की सुविधाओं का लाभ उठाया।

विभिन्न बीमारियों की हुई जांच

शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा कई प्रकार की स्वास्थ्य जांच की गई। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार—

  • 80 लोगों की उच्च रक्तचाप (बीपी) एवं मधुमेह (शुगर) की जांच
  • 20 महिलाओं की स्तन एवं सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग
  • 37 लोगों की मुख कैंसर जांच
  • 47 लोगों की टीबी जांच
  • 37 लोगों की हीमोग्लोबिन जांच

इसके अलावा दो निक्षय मित्र बनाए गए तथा 200 सैनिटरी पैड भी वितरित किए गए।

एक ही स्थान पर मिली कई स्वास्थ्य सुविधाएं

शिविर में मरीजों को उपचार के साथ-साथ ईसीजी, एक्स-रे, रक्त जांच, दिव्यांग प्रमाण पत्र, एचपीवी टीकाकरण, आभा आईडी और आयुष्मान भारत कार्ड जैसी विभिन्न स्वास्थ्य सेवाएं भी उपलब्ध कराई गईं। इससे दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को एक ही स्थान पर समग्र स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिला।

ग्रामीण क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना उद्देश्य

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जे. एस. चुफाल ने कहा कि स्वास्थ्य पखवाड़े का उद्देश्य ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना, गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान करना तथा लोगों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराना है। उन्होंने लोगों से भविष्य में आयोजित होने वाले ऐसे स्वास्थ्य शिविरों में भी बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की।

स्वास्थ्य टीम का रहा महत्वपूर्ण योगदान

शिविर के सफल संचालन में प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रशांत धानिक, डॉ. मानसी, के. एन. चौसली, मंजीत कन्याल, कमलेश पंत, लक्ष्मण साही, संजय सामंत, वेद प्रकाश, ममता, सोनी कांडपाल, मनोज, संगीता बसेरा, आशा कार्यकर्ताओं एवं स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम ने सक्रिय योगदान दिया।

स्थानीय लोगों ने की सराहना

स्वास्थ्य पखवाड़े के समापन पर स्थानीय लोगों ने शिविर की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के बहु-विशेषज्ञ स्वास्थ्य शिविर दूरस्थ क्षेत्रों के लिए बेहद उपयोगी हैं। उन्होंने भविष्य में भी नियमित रूप से ऐसे शिविर आयोजित करने की मांग की।

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