
जन एक्सप्रेस /उत्तरकाशी :-चिन्यालीसौड़ क्षेत्र के जुणगा-तराकोट मोटर मार्ग की बदहाल स्थिति को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रथम चरण का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद से आज तक सड़क पर न तो आवश्यक सुरक्षा कार्य किए गए और न ही डामरीकरण कराया गया, जिससे मार्ग कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो चुका है।
स्थानीय लोगों के अनुसार सड़क की जर्जर हालत के कारण इस मार्ग पर आवागमन जोखिम भरा हो गया है और बरसात के मौसम में दुर्घटना की आशंका और बढ़ जाती है।
डामरीकरण का इंतजार, टेंडर प्रक्रिया अधूरी
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क के डामरीकरण के लिए पहले धनराशि स्वीकृत होने की जानकारी मिली थी, लेकिन अब तक टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। इसके चलते सड़क की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है।
गुथुखाल छानीकी धार में सबसे खराब स्थिति
ग्राम पंचायत तराकोट से लगभग एक किलोमीटर पहले गुथुखाल छानीकी धार तोक के पास सड़क की स्थिति अत्यंत खराब बताई जा रही है। यहां सड़क संकरी होने के साथ-साथ कई स्थानों पर टूट चुकी है, जिससे वाहन चालकों और यात्रियों को हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
ग्रामीणों का कहना है कि मानसून के दौरान मार्ग और अधिक खतरनाक हो जाता है तथा छोटे-बड़े वाहनों का संचालन कठिन हो जाता है।
कई बार उठाई जा चुकी है मांग
पूर्व कनिष्ठ प्रमुख उर्मिला रांगड़ एवं समाजसेवी राजेन्द्र रांगड़ ने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार शासन और प्रशासन को लिखित तथा मौखिक रूप से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
उन्होंने कहा कि सड़क की खराब स्थिति का खामियाजा क्षेत्र के लोगों, विद्यार्थियों, मरीजों और किसानों को रोजाना उठाना पड़ रहा है।
ग्रामीणों की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जुणगा-तराकोट मोटर मार्ग पर शीघ्र सुरक्षा कार्य, डामरीकरण और क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत कराई जाए, ताकि लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।
संवाददाता: चंद्रप्रकाश बहुगुणा






