
जन एक्सप्रेस /उत्तरकाशी :- भगवान हरि महाराज की तपोभूमि सिद्धपीठ महाकालेश्वर महादेव मंदिर में सावन माह के अवसर पर शिव महापुराण कथा का भव्य आयोजन किया जा रहा है। उत्तराखंड के प्रसिद्ध कथा वाचक पारसमणि शास्त्री प्रतिदिन श्रद्धालुओं को कथा का श्रवण करा रहे हैं। 24 जुलाई से शुरू हुई कथा का समापन 3 अगस्त को पूर्णाहुति के साथ होगा।
कथा के सातवें दिन पारसमणि शास्त्री ने कहा कि शास्त्रों में सावन माह के दौरान शिवनगरी उत्तरकाशी में भगवान शिव की पूजा और कथा श्रवण का विशेष महत्व बताया गया है। उन्होंने कहा कि भगवान शिव सृष्टि के निर्माता हैं और भक्तों के सुख-दुख के साक्षी हैं।
उन्होंने श्रद्धालुओं से सावन में श्रद्धा के साथ शिवलिंग पर जलाभिषेक करने और बेलपत्र अर्पित करने का आह्वान किया। साथ ही प्रत्येक व्यक्ति से शिव मंदिर पहुंचकर कुछ समय इष्ट और गुरु मंत्र का जाप करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संस्कारों की मजबूत नींव ऐसे ही धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण से पड़ती है।
बच्चों को संस्कारों से जोड़ने की अपील
पारसमणि शास्त्री ने माताओं से अपील की कि वे छोटे बच्चों को भी मंदिर और धार्मिक आयोजनों में साथ लेकर आएं, ताकि नई पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ा जा सके। उन्होंने घरों में तामसिक भोजन और मांस-मदिरा के त्याग का भी आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि मंदिर केवल पूजा-अर्चना के स्थान न रहकर जनजागृति और सामाजिक चेतना के केंद्र भी बनें। इसके लिए सभी लोगों को मिलकर महीने में कम से कम एक दिन मंदिर परिसर और आसपास स्वच्छता अभियान चलाना चाहिए।
गायत्री परिवार का मिल रहा सहयोग
शिव महापुराण कथा आयोजन में कालेश्वर मंदिर समिति, भजन मंडली समिति ग्राम सभा कंसेण और गायत्री परिवार का विशेष सहयोग मिल रहा है। जोशियाड़ा क्षेत्र के पदाधिकारी और स्थानीय श्रद्धालु भी आयोजन में सक्रिय सहभागिता कर रहे हैं।
गायत्री परिवार उत्तरकाशी के जिला युवा संयोजक सुनील पवार ने बताया कि गायत्री परिवार हर वर्ष इस कथा आयोजन में सहयोग करता है। उन्होंने कहा कि उत्तरकाशी संतों की तपोभूमि रही है। उनके अनुसार, गायत्री परिवार और शांतिकुंज हरिद्वार से जुड़ी आध्यात्मिक परंपरा का भी इस क्षेत्र से गहरा संबंध है।
उन्होंने बताया कि गायत्री परिवार के कार्यकर्ता घर-घर जाकर गायत्री मंत्र, अखंड ज्योति शताब्दी, नशामुक्ति अभियान और पर्यावरण संरक्षण का संदेश पहुंचा रहे हैं। उनका उद्देश्य हर घर में संस्कारयुक्त शिक्षा, सामूहिक भजन-आरती और नशामुक्त युवा पीढ़ी के निर्माण को बढ़ावा देना है।
उन्होंने कहा कि गायत्री दीपक अभियान के माध्यम से भी युवाओं को नशे से दूर कर संस्कार और सकारात्मक जीवनशैली से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
कार्यक्रम में ललिता पवार, पूजा राणा, शशि नौटियाल, लता रावत, दीक्षा मटुड़ा, सुनीता नेगी सभासद जोशियाड़ा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।






