
जोत सिंह बगियाल संवाददाता
जन एक्सप्रेस / नई टिहरी: जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन को लेकर कलेक्ट्रेट के वीसी कक्ष में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रगति, दावे-आपत्तियों के निस्तारण और नोटिसों पर सुनवाई की स्थिति की समीक्षा की गई।
SIR की प्रगति की हुई समीक्षा
बैठक में पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने, अपात्र प्रविष्टियों के निराकरण, प्राप्त प्रपत्रों के सत्यापन तथा जारी नोटिसों पर सुनवाई सहित पुनरीक्षण से जुड़े विभिन्न कार्यों पर चर्चा हुई।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि SIR की पूरी प्रक्रिया निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ पूरी की जाए।
राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भी बैठक में अपने सुझाव और आवश्यक जानकारी साझा की तथा SIR के तहत अपने-अपने स्तर पर किए जा रहे कार्यों का विवरण प्रस्तुत किया।
6 विधानसभा क्षेत्रों में 4.63 लाख प्रारूप मतदाता
बैठक में बताया गया कि जनपद की छह विधानसभा सीटों—घनसाली, देवप्रयाग, नरेंद्रनगर, प्रतापनगर, टिहरी और धनोल्टी—में कुल 994 मतदान केंद्र हैं। प्रारूप निर्वाचक नामावली में कुल 4,63,628 मतदाता शामिल हैं।
पुनरीक्षण के दौरान प्रारूप मतदाता सूची से 43,625 मतदाताओं के नाम हटाए गए, जबकि बीएलओ की ओर से कुल 1,17,501 नोटिस जारी किए गए। इनमें से 92,473 नोटिस, यानी करीब 79 प्रतिशत, संबंधित मतदाताओं तक वितरित किए जा चुके हैं।
दावे-आपत्तियों की सुनवाई शुरू
प्रारूप निर्वाचक नामावली के प्रकाशन के बाद अब दावे और आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके लिए जनपद में कुल 72 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों की तैनाती की गई है।
चार विधानसभा क्षेत्रों में दावे-आपत्तियों की सुनवाई 3 अगस्त से शुरू हो चुकी है, जबकि दो विधानसभा क्षेत्रों में सुनवाई 4 अगस्त से प्रारंभ हुई है।
फॉर्म-6 और फॉर्म-8 के भी आवेदन प्राप्त
बैठक में बताया गया कि 14 मई से अब तक जनपद में फॉर्म-6 के 3,085, फॉर्म-6ए के 3, फॉर्म-7 के 50 और फॉर्म-8 के 1,462 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इन सभी आवेदनों पर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने पात्र मतदाताओं से अपील की कि यदि उनके नाम, पते या अन्य विवरण में कोई त्रुटि है अथवा उन्हें कोई दावा या आपत्ति प्रस्तुत करनी है, तो निर्धारित अवधि के भीतर संबंधित BLO, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी या सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के समक्ष आवेदन प्रस्तुत करें।
उन्होंने कहा कि SIR प्रक्रिया में राजनीतिक दलों की सहभागिता भी सुनिश्चित की जा रही है, ताकि मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष बनी रहे।






