
सीपी बहुगुणा संवाददाता
जन एक्सप्रेस / उत्तरकाशी: भू-धंसाव के खतरे से जूझ रहे मस्ताड़ी गांव को लेकर ग्रामीणों की चिंता बढ़ती जा रही है। मकानों में चौड़ी दरारें और जमीन धंसने की स्थिति के बीच चिन्हित राज्य आंदोलनकारी संयुक्त समिति, उत्तराखंड ने सरकार से गांव के प्रभावित परिवारों का तत्काल सुरक्षित स्थान पर विस्थापन करने की मांग की है।
समिति के केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. विजेन्द्र पोखरियाल के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी उत्तरकाशी के माध्यम से मुख्यमंत्री को 5 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा।
मस्ताड़ी गांव के तत्काल विस्थापन की मांग
डॉ. विजेन्द्र पोखरियाल ने कहा कि मस्ताड़ी के ग्रामीण और बच्चे दहशत के माहौल में जीवन जी रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी बड़ी जनहानि से पहले सरकार को प्राथमिकता के आधार पर प्रभावित परिवारों का सुरक्षित पुनर्वास शुरू करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जान बचाना सरकार की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। मस्ताड़ी का संकट केवल एक गांव तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है।
पांच प्रमुख मांगें
समिति की ओर से मुख्यमंत्री को सौंपे गए ज्ञापन में गंगोत्री विधानसभा क्षेत्र से जुड़े पांच प्रमुख मुद्दे उठाए गए हैं।
1. मस्ताड़ी गांव का तत्काल विस्थापन:
भू-धंसाव से प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर तत्काल बसाने की मांग की गई है।
2. लोहारीनाग-पाला टनल को बाईपास के रूप में विकसित करने की मांग:
NTPC की बंद टनल को केवल सील करने के बजाय वैकल्पिक सड़क मार्ग के रूप में उपयोग करने की मांग की गई है, जिससे गंगोत्री जाने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को भूस्खलन एवं जाम से राहत मिल सके।
3. उत्तरकाशी-चौरंगी-लम्बगांव मार्ग का चौड़ीकरण:
इस मार्ग को ऑल वेदर रोड की तर्ज पर बारहमासी और आपदा-रोधी बनाने की मांग की गई है।
4. नौगांव-केल्शु-भंकोली-संगमचट्टी मार्ग का डामरीकरण:
वर्षों से उपेक्षित इस मार्ग पर गुणवत्तापूर्ण डामरीकरण, गड्ढों की मरम्मत और रिटेनिंग वॉल निर्माण की मांग की गई है।
5. धौंतरी में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना:
सीमांत क्षेत्र के बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने और पलायन रोकने के लिए धौंतरी में केंद्रीय विद्यालय खोलने की मांग की गई है।
कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी
समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि ज्ञापन गंगोत्री क्षेत्र की जनता की आवाज है। सरकार से मांग की गई कि सभी मुद्दों पर तत्काल संज्ञान लेकर धरातल पर काम शुरू कराया जाए। समिति ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
इस अवसर पर समिति के पदाधिकारी जगदीश प्रसाद भट्ट, मोहनानंद बिजल्वाण, महिला मोर्चा अध्यक्ष चन्द्रकान्ता सेमवाल सहित अन्य नेता मौजूद रहे।






