रुद्रपुर में किसानों का हल्लाबोल, बैरिकेडिंग तोड़ी, भारी पुलिस बल तैनात

जन एक्सप्रेस /रुद्रपुर :- ऊधम सिंह नगर के रुद्रपुर में भारतीय किसान यूनियन टिकैत के बैनर तले चल रहा किसानों का तीन दिवसीय धरना-प्रदर्शन उस समय उग्र हो गया, जब प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट का घेराव करने के लिए आगे बढ़े। किसानों ने पुलिस की पहली बैरिकेडिंग तोड़ दी और रास्ते में खड़ी जेसीबी को भी अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर तनाव की स्थिति बन गई।
बताया गया कि किसान सुबह करीब साढ़े 11 बजे बड़ी संख्या में रामपुर-नैनीताल रोड स्थित कलेक्ट्रेट के सामने पहुंचे और धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए सरकार और प्रशासन से समस्याओं के समाधान की मांग उठाई। किसानों की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने कलेक्ट्रेट और आसपास के मार्गों पर पहले से ही सुरक्षा घेरा तैयार कर रखा था।
दोपहर करीब 1:30 बजे किसानों ने कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने रास्ते में लगाई गई पुलिस की पहली बैरिकेडिंग को तोड़ दिया और आगे बढ़ते हुए दूसरी बैरिकेडिंग तक पहुंच गए। किसानों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए प्रशासन ने रास्ते में जेसीबी मशीन खड़ी की थी, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने जेसीबी पर भी कब्जा कर लिया। इसके बाद आंदोलनकारी कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट की ओर बढ़ते रहे।
पहली बैरिकेडिंग पार करने के बाद किसान दूसरी बैरिकेडिंग के पास पहुंचकर डट गए। कलेक्ट्रेट का मुख्य गेट प्रदर्शनकारियों से करीब 100 कदम की दूरी पर बताया गया। किसान सरकार और प्रशासन के खिलाफ लगातार नारेबाजी करते रहे और अपनी मांगों के समाधान की मांग पर अड़े रहे।

आंदोलन के उग्र होने के बाद कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई। मौके पर भारी पुलिस बल के साथ पीएसी की टुकड़ियां तैनात की गईं। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए फायर ब्रिगेड की टीम को भी अलर्ट पर रखा गया। प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
कलेक्ट्रेट और एसएसपी कार्यालय की ओर जाने वाले मार्गों पर भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। किसानों के कलेक्ट्रेट परिसर में प्रवेश के प्रयास के बाद पुलिस ने सुरक्षा घेरा और मजबूत कर दिया। फिलहाल किसान कलेक्ट्रेट के नजदीक डटे हुए हैं और अपनी मांगों के समाधान के लिए प्रशासन पर दबाव बनाए हुए हैं। भारतीय किसान यूनियन टिकैत का यह तीन दिवसीय धरना-प्रदर्शन किसानों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर चल रहा है।
प्रशासन की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। वहीं, किसानों का कहना है कि केवल आश्वासन से बात नहीं बनेगी और मांगों का ठोस समाधान होने तक आंदोलन जारी रखा जाएगा।
किसानों की तीन प्रमुख मांगों में बंजर जमीनों पर किसानों को मालिकाना हक देना, किसानों को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली उपलब्ध कराना और खाद की आपूर्ति समय पर तथा पर्याप्त मात्रा में सुनिश्चित करना शामिल है। किसानों का कहना है कि इन मांगों का सीधा संबंध उनकी जमीन, खेती की लागत और कृषि कार्यों से है, इसलिए सरकार को इस दिशा में ठोस निर्णय लेना चाहिए।
मौके पर प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों से बातचीत कर स्थिति को सामान्य करने का प्रयास किया। अधिकारियों की ओर से किसानों को उनकी मांगों को शासन स्तर तक पहुंचाने का आश्वासन दिया गया। हालांकि, प्रशासन के आश्वासन के बावजूद किसान मांगों के ठोस समाधान को लेकर अड़े रहे। आंदोलन के चलते कलेक्ट्रेट क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही और सुरक्षा एजेंसियां लगातार अलर्ट मोड पर रहीं।






