मतदाता सूची के एसआईआर पर किच्छा में घमासान, बेहड़-शुक्ला आमने-सामने

जन एक्सप्रेस /रुद्रपुर :- मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर किच्छा की सियासत गरमा गई है। कांग्रेस विधायक तिलकराज बेहड़ ने भाजपा के पूर्व विधायक राजेश शुक्ला पर उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश की मतदाता सूचियों में नाम दर्ज होने का आरोप लगाते हुए सवाल खड़े किए हैं। दूसरी ओर शुक्ला ने आरोपों को राजनीतिक बयानबाजी बताते हुए पूछा है कि यदि उनका नाम दो जगह है तो कांग्रेस विधायक ने नियमानुसार आपत्ति क्यों नहीं दर्ज कराई।
गुरुवार को सिटी क्लब में पत्रकार वार्ता करते हुए बेहड़ ने मतदाता सूचियों की प्रतियां सामने रखीं। उनका कहना था कि दस्तावेज चुनाव आयोग की वेबसाइट से लिए गए हैं। विधायक के अनुसार किच्छा की सूची में राजेश शुक्ला पुत्र रामसुमेर शुक्ला का नाम है, जबकि बस्ती की सूची में राजेश पुत्र रामसुमेर शुक्ला नाम से प्रविष्टि दिखाई देती है। उन्होंने पूर्व विधायक के भाई दिनेश शुक्ला तथा उनके पिता के नामों का भी उत्तर प्रदेश की अलग-अलग मतदाता सूचियों में होने का दावा किया।
बेहड़ ने भाजपा के ग्रामीण मंडल अध्यक्ष का नाम भी किच्छा और लखीमपुर की मतदाता सूचियों में दर्ज होने का दावा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि किच्छा में करीब आठ हजार लोगों के नाम पर आपत्तियां लगाई गई हैं और इनमें कई आपत्तियां केवल नाम के आधार पर की गई हैं। उनका कहना था कि किसी मतदाता को केवल नाम की समानता के आधार पर संदिग्ध नहीं माना जा सकता। चुनाव आयोग को नाम, परिवार और अन्य पहचान संबंधी विवरणों का मिलान करने के बाद ही स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
विधायक ने डबल वोट के नाम पर लोगों को भयभीत किए जाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने शाजिद अली का उदाहरण देते हुए कहा कि उसका नाम बरेली के नवाबगंज क्षेत्र की मतदाता सूची में दिखाकर आपत्ति की गई, जबकि संबंधित व्यक्ति ने ऐसा कोई दावा नहीं किया। बेहड़ के मुताबिक शाजिद ने एसडीएम को लिखित रूप से शिकायत दी है कि उसके साथ धोखा हुआ। विधायक ने आरोप लगाया कि किच्छा के कुछ लोगों को एसडीएम के सामने ले जाकर हस्ताक्षर कराए गए। उन्होंने कहा कि संबंधित युवक बाद में उनके घर पहुंचा और पूरी घटना बताई तथा सीसीटीवी फुटेज में भी इसका प्रमाण होने का दावा किया।
बेहड़ ने कहा कि अलग-अलग राज्यों में एक ही नाम के कई व्यक्ति हो सकते हैं, इसलिए केवल नाम के आधार पर डबल वोट का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है। उन्होंने चुनाव आयोग से मतदाताओं और उनके परिवार के सदस्यों के विवरण का मिलान कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
शुक्ला का पलटवार, ‘आपत्ति दर्ज कराते, सिर्फ बयानबाजी से समाधान नहीं’
भाजपा के पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने कहा कि बेहड़ के दावे में यदि सच्चाई है तो उन्हें औपचारिक आपत्ति दर्ज करानी चाहिए थी। शुक्ला ने सवाल किया कि यदि उनका नाम दो जगह दर्ज होने की बात सामने आई थी तो अब तक इसे लेकर कार्रवाई क्यों नहीं की गई। उन्होंने कहा कि आपत्ति के बाद जांच होती और यदि नाम गलत पाया जाता तो किच्छा की सूची से उसे हटाया जा सकता था। उनके मुताबिक केवल प्रेस वार्ता और आरोप-प्रत्यारोप से कोई समाधान निकलने वाला नहीं है।
शुक्ला ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि पहले के चुनावों में कांग्रेस के लोगों ने जीत के लिए मतदाता सूची में फर्जी नाम जोड़ने का काम किया। उन्होंने कहा कि अब मतदाता सूची के शुद्धिकरण की प्रक्रिया चल रही है तो कांग्रेस को अपनी राजनीतिक जमीन प्रभावित होने का डर सता रहा है और इसी वजह से विरोध किया जा रहा है। शुक्ला ने कहा कि बेहड़ की ओर से लगाए गए प्रत्येक आरोप का वह तथ्यों के साथ जवाब देंगे।






