योगी सरकार का बड़ा फैसला, अब बुजुर्ग और दिव्यांगों को घर बैठे मिलेगा राशन

जन एक्सप्रेस /लखनऊ :- उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने बुजुर्ग, दिव्यांग, असहाय और निराश्रित लोगों के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को और अधिक सुविधाजनक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अब ऐसे पात्र लाभार्थियों को राशन लेने के लिए सरकारी उचित दर की दुकान तक नहीं जाना पड़ेगा। सरकार उनके घर तक राशन पहुंचाने की व्यवस्था करेगी। इस व्यवस्था में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की जाएगी।
खाद्य एवं रसद मंत्री ने किया बड़ा ऐलान
राज्य के खाद्य एवं रसद मंत्री मनोज कुमार पांडे ने लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस नई व्यवस्था की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में रहने वाले अकेले बुजुर्ग, दिव्यांग, असहाय और ऐसे लोग जो शारीरिक रूप से राशन की दुकान तक पहुंचने में सक्षम नहीं हैं, उन्हें अब घर बैठे राशन उपलब्ध कराया जाएगा।
मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र व्यक्ति केवल शारीरिक असमर्थता या अन्य व्यावहारिक कठिनाइयों के कारण राशन से वंचित न रह जाए।
पात्र लाभार्थियों की पहचान के निर्देश
सरकार ने अधिकारियों को ऐसे सभी पात्र लोगों की पहचान करने के निर्देश दिए हैं। मंत्री मनोज कुमार पांडे ने बताया कि अगले दो महीनों में लगभग 47 लाख लोगों को मुफ्त खाद्यान्न योजना से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्पष्ट निर्देश हैं कि प्रदेश का कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी राशन से वंचित नहीं रहना चाहिए। यदि किसी व्यक्ति का नाम राजनीतिक कारणों, स्थानीय विवाद या अन्य अनुचित वजहों से राशन सूची से हट गया है, तो उसकी पात्रता के आधार पर दोबारा सूची में शामिल किया जाएगा।
मोबाइल पर मिलेगा राशन पहुंचने का संदेश
सरकार ने राशन वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए नई सुविधाएं भी लागू की हैं। अब उचित दर की दुकानों पर खाद्यान्न पहुंचते ही लाभार्थियों के मोबाइल पर SMS भेजा जाएगा, जिससे उन्हें बार-बार दुकान के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
इसके अलावा राशन दुकानों पर आने वाले लोगों के लिए बैठने की व्यवस्था के तहत कुर्सियां और बेंच उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। गर्मी के मौसम को देखते हुए पीने के पानी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।
सरकार का उद्देश्य
सरकार का कहना है कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य राशन वितरण प्रणाली को अधिक मानवीय, पारदर्शी और लाभार्थी-केंद्रित बनाना है, ताकि बुजुर्ग, दिव्यांग और असहाय नागरिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी परेशानी के मिल सके।






