चकबंदी में घोटाले की बू: अमेठी के गूंगेमऊ गांव में अधिकारियों पर रिश्वतखोरी
100 साल पुराने पेड़ों वाली जमीन का विवाद, डीएम ने दिए जांच के निर्देश

जन एक्सप्रेस/अमेठी: जिले के मुसाफिरखाना तहसील क्षेत्र के गूंगेमऊ गांव में चकबंदी प्रक्रिया को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी संजय चौहान को शिकायती पत्र सौंपकर चकबंदी अधिकारियों पर एक लाख रुपये की रिश्वत मांगने और अनियमित तरीके से जमीन का आवंटन करने का गंभीर आरोप लगाया है।ग्रामीणों का कहना है कि गांव की कुछ पुरानी बागवानी भूमि बिना सूचना और सहमति के दूसरे लोगों को बांट दी गई है। यह भूमि खाता संख्या 126 की गाटा संख्या 447 व 508 तथा खाता संख्या 128 की गाटा संख्या 509 व 510 में दर्ज है। ग्रामीणों ने इन गाटों को चक से बाहर रखने की मांग की है।शिकायती पत्र में बताया गया कि इन बागों में लगभग 100 साल पुराने 6 महुआ, 1 नीम और 2 चिलबिल के पेड़ मौजूद हैं। बावजूद इसके संबंधित भूमि का विवरण आकार पत्र-5 और आकार पत्र-23 में दर्ज नहीं किया गया। इससे जमीन की कानूनी स्थिति को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने अधिकारियों से इस गलती की शिकायत की तो उनसे एक लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई और पैसा न देने पर उन्हें परेशान करने की धमकी दी गई। कई बार शिकायत के बावजूद अब तक उनकी बात नहीं सुनी गई।इस पूरे प्रकरण पर जिलाधिकारी संजय चौहान ने कहा है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दिए गए हैं और दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए उम्मीद जताई है कि उन्हें न्याय मिलेगा और उनकी पुश्तैनी जमीन की रक्षा की जाएगी।






