सहारनपुर जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर में मिली एक्सपायरी ग्लूकोज की बोतलें, जांच के आदेश

जन एक्सप्रेस /सहारनपुर :- सहारनपुर जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर में एक्सपायरी ग्लूकोज की बोतलें मिलने की सूचना के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। सोशल मीडिया पर ट्रामा सेंटर के स्टॉक में रखी एक्सपायरी ग्लूकोज की तस्वीरें वायरल होने के बाद अधिकारियों ने देर रात मौके पर पहुंचकर पूरे स्टॉक की जांच कराई और सभी एक्सपायरी बोतलों को तत्काल हटवा दिया।
जानकारी के अनुसार, कुछ मरीजों को कथित रूप से एक्सपायरी ग्लूकोज चढ़ाई जा रही थी। मामले की जानकारी मिलने के बाद उनकी ड्रिप भी तत्काल बदल दी गई। स्टॉक में मिली ग्लूकोज की कुछ बोतलों पर जून 2025 और जून 2026 की एक्सपायरी तिथि अंकित बताई गई, जिनके अस्पताल में उपयोग को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं।
इस घटना के बाद जिला अस्पताल की दवा भंडारण व्यवस्था, स्टॉक की नियमित निगरानी और गुणवत्ता नियंत्रण प्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि ग्लूकोज की एक्सपायरी अवधि समाप्त हो चुकी थी, तो उसे समय रहते स्टोर से हटाया क्यों नहीं गया और मरीजों तक पहुंचने से पहले उसकी जांच क्यों नहीं की गई।
स्वास्थ्य विभाग ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि एक्सपायरी ग्लूकोज अस्पताल के स्टॉक में कब से मौजूद थी, संबंधित बैच की कितनी बोतलों का उपयोग हुआ, कितने मरीजों को यह ग्लूकोज लगाई गई और लापरवाही किस स्तर पर हुई।
स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि यह भी जांच की जाएगी कि कहीं किसी कर्मचारी द्वारा एक्सपायरी ग्लूकोज की बोतलें ट्रामा सेंटर के स्टॉक में रखी गईं या नहीं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि एक्सपायर हो चुकी दवाओं या ग्लूकोज का उपयोग मरीजों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है।
अधिकारियों ने कहा कि अस्पतालों में दवाओं की नियमित जांच, स्टॉक का समय-समय पर सत्यापन और एक्सपायरी सामग्री का सुरक्षित निस्तारण अनिवार्य प्रक्रिया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।






