उत्तर प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों की ऐतिहासिक उपलब्धि, शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार में दिखाया दम
प्रदेश सरकार का लक्ष्य — विश्वविद्यालयों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के योग्य बनाना

जन एक्सप्रेस लखनऊ : उत्तर प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों ने नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ)-2025 में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम की है। प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में राज्य के विश्वविद्यालयों ने शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और अकादमिक उत्कृष्टता के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट रैंकिंग प्राप्त की है।यह उपलब्धि न केवल उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा क्षेत्र की गुणवत्ता में निरंतर हो रहे सुधार को दर्शाती है, बल्कि यह भी प्रमाणित करती है कि प्रदेश अब उच्च शिक्षा का प्रमुख केंद्र बनने की ओर अग्रसर है।
उच्च शिक्षा मंत्री ने दी बधाई, बताया सरकार की नीति और छात्रों की मेहनत का परिणाम
प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने सभी विश्वविद्यालयों, कुलपतियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों को इस सफलता पर बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि शिक्षा सुधारों, गुणवत्ता उन्नयन और छात्रों की मेहनत का प्रत्यक्ष परिणाम है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश के विश्वविद्यालयों को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है।उन्होंने सभी विश्वविद्यालयों से आग्रह किया कि वे अनुसंधान, नवाचार और स्टार्टअप गतिविधियों को और अधिक बढ़ावा दें, ताकि उत्तर प्रदेश उच्च शिक्षा के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बन सके।
एनआईआरएफ-2025 में उत्तर प्रदेश की प्रमुख रैंकिंग:
1. अखिल भारतीय विश्वविद्यालय रैंकिंग श्रेणी
लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ:
2024 में 97वाँ स्थान → 2025 में 98वाँ स्थान
दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, गोरखपुर:
2025 में 151-200 के बैंड में शामिल
2. राज्य विश्वविद्यालय श्रेणी
लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ:
2024 में 32वाँ स्थान → 2025 में 27वाँ स्थान
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ:
2025 में 41वाँ स्थान
दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, गोरखपुर:
2025 में 51-100 के बैंड में
डॉ. भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय, आगरा:
2025 में 51-100 के बैंड में
3. विधि श्रेणी
लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ:
2024 में 23वाँ स्थान → 2025 में 29वाँ स्थान
4. फार्मेसी श्रेणी
बुंदेलखण्ड विश्वविद्यालय, झाँसी:
2024 में 74वाँ स्थान → 2025 में 68वाँ स्थान
महात्मा ज्योतिबा फुले रूहेलखण्ड विश्वविद्यालय, बरेली:
2024 में 101-151 बैंड → 2025 में 86वाँ स्थान
5. प्रबंधन श्रेणी
लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ:
2025 में 100वाँ स्थान प्राप्त किया
उत्तर प्रदेश बन रहा उच्च शिक्षा का हब एनआईआरएफ-2025 की यह रिपोर्ट दर्शाती है कि उत्तर प्रदेश न केवल अपने विश्वविद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार कर रहा है, बल्कि देश भर में अपनी अकादमिक पहचान को और मजबूत कर रहा है। विभिन्न श्रेणियों में विश्वविद्यालयों को मिली श्रेष्ठ रैंकिंग इस बात का संकेत है कि योगी सरकार की शिक्षा नीतियाँ व्यवहारिक और दूरदर्शी साबित हो रही हैं।






