मानव सेवा में मिसाल बने डॉ. बी. के. जैन
विजनरी इंडियन अवार्ड से सम्मानित, फिल्म अभिनेत्री पूनम ढिल्लो ने किया सम्मान

जन एक्सप्रेस चित्रकूट :मानवता की सेवा में जीवन समर्पित करने वाले और लाखों नेत्रहीनों की रोशनी लौटाने वाले पद्मश्री डॉ. बी. के. जैन को उनके अतुलनीय योगदान के लिए ‘विजनरी इंडियन अवार्ड’ से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें नई दिल्ली में आयोजित एक गरिमामय समारोह में प्रदान किया गया, जिसमें उन्हें यह पुरस्कार प्रसिद्ध फिल्म अभिनेत्री पूनम ढिल्लो के कर-कमलों से प्राप्त हुआ।
पाँच दशकों की सेवाओं को मिला राष्ट्रीय सम्मान
इस कार्यक्रम का आयोजन गोल्डन स्पैरो संस्थान, नई दिल्ली द्वारा किया गया था। डॉ. जैन को यह सम्मान श्री सदगुरु सेवा संघ ट्रस्ट के ट्रस्टी एवं निदेशक के रूप में पिछले पाँच दशकों से अंधत्व निवारण और मानव सेवा के क्षेत्र में किए गए अभूतपूर्व कार्यों के लिए प्रदान किया गया।कार्यक्रम में संस्था के निदेशक डॉ. तिलक तंवर एवं डॉ. आरती मल्होत्रा विशेष रूप से उपस्थित रहे और उन्होंने डॉ. जैन के कार्यों को “प्रेरणा का जीवंत उदाहरण” बताया।
क्या है विजनरी इंडियन अवार्ड?
विजनरी इंडियन अवार्ड उन व्यक्तियों को प्रदान किया जाता है जिन्होंने समाज सेवा के क्षेत्र में दीर्घकालिक, चुनौतीपूर्ण और दूरदर्शी कार्य कर समाज में सकारात्मक बदलाव लाया हो। यह सम्मान केवल उन्हीं हस्तियों को दिया जाता है जिनकी सोच और सेवा, देश के कोने-कोने में प्रेरणा बनती है।
नेत्रहीनों की रोशनी बने डॉ. जैन
डॉ. बी. के. जैन की पहचान केवल एक नेत्र चिकित्सक की नहीं, बल्कि उम्मीद, सेवा और समर्पण की प्रतिमूर्ति के रूप में होती है। उनके नेतृत्व में सदगुरु नेत्र चिकित्सालय ने लाखों लोगों की रोशनी लौटाई है, विशेषकर ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में।
उनकी सोच है – “मानव सेवा ही सच्ची ईश्वर सेवा है।”
समारोह के मुख्य आकर्षण:
डॉ. जैन का सम्मान, पूनम ढिल्लो के हाथों
विभिन्न प्रदेशों से आए समाजसेवियों की उपस्थिति
सेवा, समर्पण और संवेदना का संकल्प
डॉ. बी. के. जैन का यह सम्मान न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि समूचे समाज के लिए एक प्रेरणा है कि सेवा का कोई विकल्प नहीं होता।






