गंगा नदी
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उत्तरकाशी
पुराणों में गंगा दिव्यता, दर्शन और पर्यावरणीय चेतना की अविरल पावन धारा
जन एक्सप्रेस/उत्तरकाशी: हमारे पुराणों में गंगा का स्वरूप केवल एक भौगोलिक नदी के रूप में नहीं, बल्कि सृष्टि, जीवन और चेतना की आधारधारा के रूप में वर्णित किया गया है। पौराणिक संदर्भों में गंगा की उत्पत्ति, स्वरूप और महत्व को अत्यंत गूढ़ एवं दार्शनिक दृष्टि से स्पष्ट किया गया है, जो आधुनिक पर्यावरणीय सोच के साथ भी गहरा सामंजस्य स्थापित…
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उत्तरकाशी
गंगा नदी का वैज्ञानिक सच: आत्मशुद्धि शक्ति और बढ़ता प्रदूषण संकट
जन एक्सप्रेस/उत्तरकाशी: गंगा को यदि केवल एक नदी कहा जाए, तो यह उसकी वास्तविक पहचान को सीमित कर देना होगा। गंगा दरअसल एक ऐसी निरंतर प्रवाहित जीवनधारा है, जो हिमालय की गोद से निकलकर मैदानों, नगरों, खेतों और अंततः सागर तक पहुँचते हुए अनगिनत जीवों, समाजों और पारिस्थितिक तंत्रों को जोड़ती है। यह नदी केवल जल का प्रवाह नहीं, बल्कि…
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उत्तराखंड
भारतीय ज्ञान प्रणाली में गंगा: आस्था, विज्ञान और पर्यावरण का अद्भुत संगम
जन एक्सप्रेस/उत्तरकाशी: भारतीय ज्ञान प्रणाली में गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि जीवन, ज्ञान, पवित्रता और संस्कृति की जीवंत धारा मानी जाती है। वेद, उपनिषद, पुराण और महाकाव्यों में गंगा को “माता” और “मोक्षदायिनी” के रूप में वर्णित किया गया है। यह न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि भारतीय सभ्यता के वैज्ञानिक, पारिस्थितिक और सामाजिक ज्ञान का आधार…
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