Climate Change
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उत्तरकाशी में ‘सिंगल यूज़ प्लास्टिक को ना कहें’ विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित
जन एक्सप्रेस / उत्तरकाशी विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के अवसर पर प्लांटिका फाउंडेशन एवं श्रीमती मंजिरा देवी विश्वविद्यालय, उत्तरकाशी द्वारा उत्तराखण्ड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहयोग से “सिंगल यूज़ प्लास्टिक को ना कहें” विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता, सतत कृषि, प्लास्टिक प्रदूषण तथा स्वच्छ जल जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों…
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उत्तरकाशी
नदियों में घट रही ऑक्सीजन, ‘डेड जोन’ बनने का खतरा: डॉ. शम्भू प्रसाद नौटियाल
जन एक्सप्रेस/उत्तरकाशी: उत्तरकाशी में पर्यावरण चिंतक डॉ. शम्भू प्रसाद नौटियाल ने नदियों और झीलों में तेजी से घट रही ऑक्सीजन को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो नदियां ‘डेड जोन’ में बदल जाएंगी, जहां जलीय जीवन पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। गंगा विश्व धरोहर मंच के संयोजक डॉ.…
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उत्तरकाशी
पुराणों में गंगा दिव्यता, दर्शन और पर्यावरणीय चेतना की अविरल पावन धारा
जन एक्सप्रेस/उत्तरकाशी: हमारे पुराणों में गंगा का स्वरूप केवल एक भौगोलिक नदी के रूप में नहीं, बल्कि सृष्टि, जीवन और चेतना की आधारधारा के रूप में वर्णित किया गया है। पौराणिक संदर्भों में गंगा की उत्पत्ति, स्वरूप और महत्व को अत्यंत गूढ़ एवं दार्शनिक दृष्टि से स्पष्ट किया गया है, जो आधुनिक पर्यावरणीय सोच के साथ भी गहरा सामंजस्य स्थापित…
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उत्तरकाशी
गंगा घाटी में 100 किमी इको-सेंसिटिव ज़ोन है प्रकृति संरक्षण की मजबूत पहल।
जन एक्सप्रेस/उत्तरकाशी: गंगा की जीवनदायिनी धारा के संरक्षण को ध्यान में रखते हुए भागीरथी घाटी में लगभग 100 किलोमीटर के दायरे को पारिस्थितिकी संवेदनशील क्षेत्र जो इको-सेंसिटिव ज़ोन के रूप में संरक्षित किया गया है। गोमुख से उत्तरकाशी तक फैला यह क्षेत्र गंगा की मूलधारा का संवेदनशील भाग है, जहाँ प्रकृति और मानव जीवन का गहरा संबंध देखने को मिलता…
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