राजकीय मेडिकल कालेज  देवकली में बनने का रास्ता हुआ साफ

उत्तर प्रदेश राज्य
सच दिखाने की जिद...

जन एक्सप्रेस/सुनहरा
दी गयी भूमि देवस्थान होने की महंत की निगरानी याचिका खारिज
लखीमपुर खीरी। सीएम योगी आदित्यनाथ ने करीब  19 माह पूर्व लखीमपुर खीरी में मेडिकल कालेज के निर्माण की घोषणा की थी। करीब 233 करोड़ बजट प्रस्तावित था । अब यह 288 करोड़ होगा ।जिसमे ₹ 20 करोड़ की राशि अवमुक्त भी हो गयी थी। ग्राम सभा सैदापुर भाऊ की भूमि भी कालेज के नाम अंतरित हो गई थी। कुछ जनप्रतिनिधि ग्राम ताहिरपुर में मेडिकल कालेज चाहते थे। डीएम ने भी शासन को  इस दिशा में निर्णय लेने को कहा था। देवकली तीर्थ के पास ग्राम सैदापुर भाऊ में ही मेडिकल कालेज खोलने की शासन ने हरी झंडी दे दी। पीडब्लूडी को वर्क आर्डर भी दिया गया। नक्शा भी बन रहा था। इसी बीच 26 अगस्त 2020 को देवस्थान वाराणसी के महंत सर्वराहकार प्रेम गिरी ने डीडी चकबंदी के कोर्ट में एक निगरानी डाल दी और कहा कि सहायक चकबंदी अधिकारी ने 15 दिस 1967 में यह भूमि देवस्थान के नाम कर दी थी। डीजीसी रेवेन्यू  वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव तिवारी अन्नू ने यूपी राज्य व ग्राम सभा की तरफ से जोरदार पैरवी की। डीडी चकबंदी ने निगरानी याचिका खारिज कर दी। कहा कि सहायक चकबंदी अधिकारी बंजर झाड़ी भूमि को देव स्थान के नाम नही कर सकते। मेडिकल कालेज के नाम भूमि करने का बंदोबस्त अधिकारी का 28 सित 2019 का आदेश बिल्कुल न्यायसंगत है। इस तरह अब मेडिकल कालेज बनने का रास्ता साफ है।

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