UP Breaking NewsUP POLICEअन्य खबरेउत्तर प्रदेशचित्रकूट

चित्रकूट में जर्जर सड़क के विरोध में अनोखा प्रदर्शन, गड्ढों में रोपा धान 7 दिन का अल्टीमेटम

जन एक्सप्रेस/चित्रकूट :- चित्रकूट में गिरधार बाबा वाया बहिलपुरवा संपर्क मार्ग की बदहाल स्थिति को लेकर सोमवार, 31 अगस्त 2026 को बुन्देलखण्ड मुक्ति मोर्चा के नेतृत्व में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। बिजहना कोलान मड़ैयन के पास आयोजित प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं और क्षेत्रवासियों ने सड़क के गड्ढों में धान रोपकर शासन-प्रशासन का ध्यान सड़क की खराब स्थिति की ओर आकर्षित किया।प्रदर्शनकारियों का कहना है कि गिरधार बाबा वाया बहिलपुरवा संपर्क मार्ग लंबे समय से जर्जर हालत में है। सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे बने हुए हैं। बारिश के बाद इन गड्ढों में पानी भर जाने से राहगीरों के लिए खतरा और बढ़ गया है।

ग्रामीणों को आवागमन में हो रही परेशानी

यह मार्ग पाठा क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग बताया जा रहा है। इससे प्रतिदिन ग्रामीणों के अलावा छात्र-छात्राएं, किसान, मजदूर और अन्य राहगीर आवागमन करते हैं। सड़क की बदहाल स्थिति के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।बुन्देलखण्ड मुक्ति मोर्चा के पदाधिकारियों के अनुसार, सड़क की समस्या को लेकर पहले भी जिलाधिकारी चित्रकूट और संबंधित विभाग के अधिकारियों को कई बार अवगत कराया जा चुका है। संगठन का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद गड्ढों की मरम्मत नहीं कराई गई।प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सड़क की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि बारिश के बाद गड्ढों में पानी भरने से कई स्थानों पर सड़क खेत जैसी नजर आती है। इसी को प्रतीकात्मक रूप से दिखाने के लिए गड्ढों में धान रोपकर विरोध दर्ज कराया गया।

मौके पर पहुंचे PWD के जेई

प्रदर्शन की जानकारी मिलने के बाद पीडब्ल्यूडी विभाग के जेई विधान सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों और क्षेत्रवासियों से बातचीत कर सड़क की स्थिति का जायजा लिया।इस दौरान संगठन के पदाधिकारियों और ग्रामीणों ने जेई के सामने सड़क की समस्या रखते हुए जल्द से जल्द गड्ढों की मरम्मत कराने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि सड़क पर वास्तविक मरम्मत कार्य चाहिए।

‘जनता की समस्या को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता’

बुन्देलखण्ड मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष एडवोकेट प्रखर पटेल ने कहा कि गिरधार बाबा वाया बहिलपुरवा संपर्क मार्ग पाठा क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों के लिए महत्वपूर्ण है और इसकी हालत बेहद खराब हो चुकी है।उन्होंने कहा कि कई बार अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हुआ। उनके मुताबिक, गड्ढों में धान रोपकर शासन-प्रशासन को यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि जनता की समस्या को अब नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।प्रखर पटेल ने कहा कि पाठा क्षेत्र के लोगों को सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना शासन-प्रशासन की जिम्मेदारी है। विकास कार्यों का लाभ धरातल पर पहुंचना चाहिए।

दुर्घटना का खतरा बढ़ने का दावा

समाजसेवी मुकेश पटेल ने कहा कि बारिश के दौरान सड़क की स्थिति और खराब हो जाती है। पानी से भरे गड्ढों की गहराई का अंदाजा नहीं लग पाने के कारण दुर्घटना का खतरा बना रहता है।उन्होंने कहा कि ग्रामीणों, किसानों, विद्यार्थियों और मरीजों को इस मार्ग से गुजरने में परेशानी होती है। उनके मुताबिक, प्रदर्शन किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं बल्कि सड़क की बदहाल स्थिति के विरोध में किया गया है।

7 दिन का अल्टीमेटम, समाधान नहीं तो जल आंदोलन

विरोध प्रदर्शन के बाद बुन्देलखण्ड मुक्ति मोर्चा ने संबंधित विभाग को सड़क के गड्ढों की मरम्मत के लिए 7 दिनों का समय दिया है।संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय में सड़क की मरम्मत शुरू नहीं की गई और समस्या का समाधान नहीं हुआ तो जल आंदोलन किया जाएगा। संगठन ने कहा कि आगामी आंदोलन की जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

जनहित के मुद्दे पर आंदोलन जारी रखने का ऐलान

बुन्देलखण्ड मुक्ति मोर्चा ने कहा कि आंदोलन किसी राजनीतिक स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि क्षेत्रवासियों की मूलभूत समस्या को लेकर किया जा रहा है। संगठन ने सड़क की मरम्मत होने तक मुद्दे को उठाते रहने की बात कही है।प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे। सभी ने गिरधार बाबा वाया बहिलपुरवा संपर्क मार्ग के गड्ढों की तत्काल मरम्मत कराकर सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की।संगठन ने दोहराया कि यदि 7 दिनों में सड़क की मरम्मत नहीं होती है तो प्रस्तावित जल आंदोलन में क्षेत्रवासी भी शामिल होंगे और सड़क की समस्या के समाधान तक संघर्ष जारी रखा जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button