अवैध हथियारों के अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश : 5 देसी पिस्तौल, 10 मैगजीन व नकदी सहित 3 आरोपी गिरफ्तार

जन एक्सप्रेस/हरदोई :- हरदोई। पुलिस ने अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से पांच देसी .32 बोर पिस्तौल, 10 मैगजीन और 900 रुपये नकद बरामद किए हैं। पूछताछ में हथियारों की खरीद-बिक्री के नेटवर्क से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आए हैं। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों, हथियारों के स्रोत और संभावित खरीदारों की तलाश में जुटी है।
पुलिस के अनुसार शुक्रवार, 11 सितंबर को दोपहर करीब 3:30 बजे मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ लोग अवैध हथियारों के साथ एफसीआई गोदाम के पीछे मौजूद हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर मौके से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान रवि कुमार निवासी हातमपुर शेख, थाना चांदपुर, जिला बिजनौर, मो. रियासत निवासी मोहसिनपुरवा, पिहानी तथा मोबीन निवासी गढ़ी, तड़ियावां के रूप में हुई है।
मध्य प्रदेश से लाकर हरदोई में बेचते थे हथियार
एएसपी आलोक राज नारायण के अनुसार, बिजनौर निवासी रवि कुमार गिरोह का प्रमुख सदस्य बताया जा रहा है। पूछताछ में सामने आया कि वह मध्य प्रदेश से करीब 14 से 15 हजार रुपये में एक पिस्तौल खरीदकर हरदोई व आसपास के क्षेत्रों में 28 से 30 हजार रुपये में बेचता था। पुलिस को आशंका है कि हथियारों की आपूर्ति मध्य प्रदेश के बुरहानपुर क्षेत्र के जंगलों में संचालित अवैध हथियार फैक्ट्रियों से होती थी। हालांकि पुलिस इस कड़ी की जांच कर रही है।
दवा फैक्ट्री में काम के दौरान बना नेटवर्क
पूछताछ में यह भी पता चला कि रवि कुमार और मोबीन की मुलाकात हिमाचल प्रदेश की एक दवा फैक्ट्री में काम करने के दौरान हुई थी। पुलिस के मुताबिक, मो. रियासत के कहने पर मोबीन ने रवि से पिस्तौल की मांग की थी। इसके बाद रवि हथियार लेकर हरदोई पहुंचा, जहां पुलिस ने घेराबंदी कर तीनों को गिरफ्तार कर लिया।
मुख्य आरोपी पर पहले से 10 मुकदमे
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मुख्य आरोपी रवि कुमार के खिलाफ पहले से 10 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इनमें दिल्ली की लोधी कॉलोनी स्पेशल सेल में आर्म्स एक्ट के दो मामले तथा बिजनौर में दर्ज कई अन्य मुकदमे शामिल हैं। पुलिस अब उसके आपराधिक नेटवर्क और पूर्व में की गई हथियारों की खरीद-फरोख्त की भी जानकारी जुटा रही है।गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि हथियारों की सप्लाई के मुख्य स्रोत, गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और हथियार खरीदने वाले संभावित ग्राहकों का पता लगाया जा रहा है। पुलिस का उद्देश्य पूरे नेटवर्क की सप्लाई चेन को खंगालकर उससे जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचना है।






