त्यूनी के पहाड़ों में प्लास्टिक के खिलाफ बुलंद हुई आवाज
जौनसार-बावर की पहाड़ियों में बसा पंडित शिवराम राजकीय महाविद्यालय बुधवार को पर्यावरण संरक्षण का गढ़ बन गया। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ चल रहे जन-जागरूकता अभियान के तहत महाविद्यालय में ‘सिंगल यूज प्लास्टिक निषेध कार्यक्रम’ का आयोजन किया गया।

जन एक्सप्रेस /विकास नगर :- जौनसार-बावर की पहाड़ियों में बसा पंडित शिवराम राजकीय महाविद्यालय बुधवार को पर्यावरण संरक्षण का गढ़ बन गया। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ चल रहे जन-जागरूकता अभियान के तहत महाविद्यालय में ‘सिंगल यूज प्लास्टिक निषेध कार्यक्रम’ का आयोजन किया गया। पहाड़ों की स्वच्छ हवा और नदियों को प्लास्टिक के जहर से बचाने का संदेश यहां से जोरदार तरीके से निकला।कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रभारी प्राचार्य डॉ. सतीश चंद सेमवाल ने की। उन्होंने कहा कि शिक्षा सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं, बल्कि अपने परिवेश को स्वच्छ और जीवंत रखने की जिम्मेदारी भी है। पहाड़ी इलाकों में प्लास्टिक कचरा नदियों और जंगलों में जमा होकर पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचा रहा है।
मुख्य वक्ता डॉ. अनीता चौहान और डॉ. अजय वर्मा ने सिंगल यूज प्लास्टिक के दुष्परिणामों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि प्लास्टिक की थैली, बोतल, गिलास और पैकिंग सामग्री सैकड़ों साल तक नष्ट नहीं होती। यह मिट्टी की उर्वरता घटाती है, पशुओं के पेट में जाकर उनकी जान लेती है और बारिश के पानी के साथ नदियों में मिलकर जल स्रोतों को दूषित करती है। पहाड़ी क्षेत्रों में जहां कचरा निस्तारण की व्यवस्था पहले से कमजोर है, वहां यह समस्या और गंभीर हो जाती है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त मुख्य विकास अधिकारी नरेन्द्र प्रताप सिंह ने वर्तमान समय में प्लास्टिक के बढ़ते उपयोग पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने छात्रों से सीधा आह्वान किया, प्लास्टिक की वस्तुएं त्यागो और परंपरागत साधन अपनाओ। हमारी दादी-नानी पत्तल-दोना, कपड़े के थैले और मिट्टी के बर्तन इस्तेमाल करती थीं। वही रास्ता आज भी सबसे सुरक्षित है। पहाड़ की संस्कृति और प्रकृति दोनों को बचाना हमारा कर्तव्य है।
कार्यक्रम के अंत में संयोजक पूरन सिंह ने सभी छात्र-छात्राओं से शपथ दिलवाई कि वे दैनिक जीवन में, घर में, गांव में और स्वयं सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग नहीं करेंगे। उन्होंने निवेदन किया कि हर विद्यार्थी अपने परिवेश को सुंदर, स्वस्थ और जीवनदायी बनाने का संकल्प ले। छात्रों ने हाथ उठाकर शपथ ली और जोरदार तालियों से कार्यक्रम का समापन हुआ।
इस अवसर पर शर्मीला , सचिन शर्मा तथा महाविद्यालय के समस्त कार्मिक उपस्थित रहे। महाविद्यालय का क्लीन कैंपस ग्रीन कैंपस सेल पहले से प्लास्टिक मुक्त परिसर की दिशा में काम कर रहा है। इस कार्यक्रम ने उस मुहिम को और मजबूती दी है।
त्यूनी जैसे छोटे पहाड़ी कस्बे से निकला यह संदेश साफ है प्लास्टिक छोड़ो, पहाड़ बचाओ। अगर युवा पीढ़ी आज संकल्प ले ले तो कल के जौनसार-बावर की नदियां, जंगल और गांव ज्यादा स्वच्छ और जीवंत दिखेंगे।






