जन एक्सप्रेस /उत्तराखंड
गायत्री शक्तिपीठ शांतिकुंज हरिद्वार के मार्गदर्शन में विकासखंड थौलधार में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत जनजागरण कार्यक्रम चलाया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत लगातार दो दिनों तक विभिन्न विद्यालयों में छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम के दौरान स्कूली बच्चों को नशे से दूर रहने और स्वस्थ एवं संस्कारयुक्त जीवन अपनाने की शपथ दिलाई गई। जनजागरण अभियान का नेतृत्व राज्य आंदोलनकारी देवी सिंह पंवार और गायत्री शक्तिपीठ टिहरी के व्यवस्थापक बी.पी. बधानी ने किया। इस दौरान “शराब नहीं संस्कार दो”, “हम सुधरेंगे जग सुधरेगा” और “नशा छोड़ो-गुस्सा छोड़ो-गायत्री परिवार से नाता जोड़ो” जैसे संदेशों के माध्यम से युवाओं को नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रेरित किया गया। अभियान के तहत कंमाद इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य चंद्रमणि वर्मा, थौलधार उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में प्रधानाचार्य विवेक खंडूड़ी तथा कांडीखाल राजकीय इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य नवीन रावत की अध्यक्षता में कार्यक्रम आयोजित किए गए। वक्ताओं ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी देश और समाज का भविष्य है। यदि युवा नशे जैसी बुराइयों से दूर रहें और शिक्षा, योग, संस्कार तथा सकारात्मक गतिविधियों से जुड़ें तो समाज में व्यापक बदलाव लाया जा सकता है।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने उत्तराखंड की संस्कृति, देवी-देवताओं, मातृभाषा और स्थानीय बोली को प्रदेश की पहचान बताया। उन्होंने कहा कि अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़कर युवा पीढ़ी सामाजिक मूल्यों को मजबूत कर सकती है। आचार्य श्रीराम शर्मा के विचारों को घर-घर तक पहुंचाने में गायत्री परिवार की भूमिका पर भी प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने कहा कि गायत्री परिवार समाज में जागरूकता और सकारात्मक परिवर्तन के संदेश को पहुंचाने का कार्य कर रहा है। गायत्री शक्तिपीठ टिहरी के व्यवस्थापक बी.पी. बधानी ने विभिन्न विद्यालयों में छात्र-छात्राओं और गुरुजनों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई। उन्होंने युवाओं से योग, संस्कार और उपयोगी साहित्य को अपने जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। साथ ही नशे से होने वाले सामाजिक और पारिवारिक नुकसान को समझते हुए इससे दूर रहने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान विद्यालयों के प्रधानाचार्यों, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने अभियान में सहभागिता की। गायत्री परिवार के राहुल भंडारी सहित अन्य कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। आयोजकों ने कहा कि नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए केवल अभियान चलाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि परिवार, विद्यालय और समाज के स्तर पर लगातार जागरूकता की जरूरत है। थौलधार क्षेत्र में चलाया गया यह अभियान इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।






