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बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचे सीएम योगी, बोले- चित्रकूट संकट में है तो मैं साथ खड़ा हूं

जन एक्सप्रेस / चित्रकूट:  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को चित्रकूट पहुंचकर हाल में आई भीषण बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। इसके बाद रामघाट का स्थलीय निरीक्षण कर साधु-संतों, व्यापारियों और बाढ़ प्रभावित लोगों से बातचीत की तथा हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय रामायण मेला परिसर, सीतापुर में आयोजित कार्यक्रम में 800 बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री वितरित की। बाढ़ में आश्रयहीन हुए परिवारों को आवास के लिए भूमि आवंटन प्रमाण पत्र और आपदा मोचक निधि से राहत राशि भी प्रदान की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चित्रकूट की धरती का प्रभु श्रीराम के जीवन से गहरा संबंध है। प्रभु राम ने वनवास काल में चित्रकूट में आश्रय लिया था। आज चित्रकूटवासी संकट में हैं तो उनका भक्त होने के नाते वह उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि गरीब, किसान, नौजवान, महिला, व्यापारी और साधु-संत किसी को भी चिंता करने की जरूरत नहीं है। बाढ़ में जिसका भी नुकसान हुआ है, सरकार हरसंभव सहायता करेगी।

2017 से पहले राहत के नाम पर मिलता था सूखा ब्रेड

मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि 2017 से पहले बाढ़ आने पर तत्कालीन सरकार प्रभावितों की सुध नहीं लेती थी। राहत के नाम पर लोगों को केवल सूखा ब्रेड दिया जाता था। उन्होंने कहा कि 2017 में सरकार बनने के बाद बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए राहत सामग्री की पूरी किट उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रत्येक प्रभावित परिवार को करीब 50 किलो राहत सामग्री दी जा रही है, जिसमें 10 किलो चावल, 10 किलो आटा, 10 किलो आलू, दो किलो अरहर की दाल, तेल, चना, मसाले सहित आवश्यक सामग्री शामिल है। इसके अलावा बाल्टी, मग, बरसाती आदि वाली डिग्निटी किट भी उपलब्ध कराई जा रही है।

मकान बहने पर मिलेगा आवास और जमीन

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ अथवा अन्य आपदा में जिन गरीब परिवारों के मकान पूरी तरह नष्ट हुए हैं, उन्हें पात्रता के अनुसार प्रधानमंत्री आवास योजना अथवा मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ तत्काल दिया जाए। साथ ही आवास निर्माण के लिए जमीन का पट्टा भी उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने कहा कि फसल नुकसान का सर्वे कराया जाएगा और सर्वे के आधार पर किसानों को राहत दी जाएगी। बाढ़ से क्षतिग्रस्त सड़कों, घाटों, बिजली के पोल और तारों की मरम्मत के लिए भी धन की कमी नहीं होने दी जाएगी।

कैचमेंट एरिया में निर्माण पर जताई चिंता

मुख्यमंत्री ने चित्रकूट में आई बाढ़ की भयावहता का उल्लेख करते हुए कहा कि इस बार एक दिन में 660 मिलीमीटर से अधिक बारिश हुई, जबकि पिछले वर्ष करीब 307 मिलीमीटर बारिश हुई थी। मध्य प्रदेश से भारी मात्रा में पानी आने के कारण कई स्थानों पर पानी चार-चार मंजिल तक पहुंच गया। घरों, दुकानों, खेतों, मंदिरों और घाटों को नुकसान हुआ।
उन्होंने कहा कि नदी के कैचमेंट एरिया में अनियोजित निर्माण और अतिक्रमण से बचना होगा। नदी के प्राकृतिक प्रवाह के लिए पर्याप्त रास्ता रखना जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक कर इस संबंध में प्रभावी कार्ययोजना बनाने की बात कही।

आपदा में जनहानि नहीं होना बड़ी राहत

मुख्यमंत्री ने कहा कि इतनी भीषण बाढ़ के बावजूद चित्रकूट में जनहानि नहीं हुई, यह बड़ी राहत की बात है। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने समय रहते लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। बाढ़ के दौरान एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और पीएसी की फ्लड यूनिट की कई कंपनियों को राहत एवं बचाव कार्य में लगाया गया।
उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सांप-बिच्छू और अन्य जीवों के काटने की घटनाओं को देखते हुए एंटी स्नेक वेनम और एंटी रेबीज वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहें। आपदा में मृत्यु होने की स्थिति में पात्र परिवारों को निर्धारित राहत राशि तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।

रामघाट में साधु-संतों से की बातचीत

मुख्यमंत्री ने रामघाट पहुंचकर बाढ़ से क्षतिग्रस्त मठों, मंदिरों और घरों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को क्षतिग्रस्त दीवारों की तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए। इसके बाद रैन बसेरा का निरीक्षण कर वहां रह रहे लोगों से व्यवस्थाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने बाढ़ पीड़ितों को कपड़े और साड़ी वितरित की तथा बच्चों को चॉकलेट, टॉफी, स्कूल बैग और किताबें दीं।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने आवास गिरने से प्रभावित मुकेश, लल्लू और चुन्नीलाल को 1.20 लाख रुपये के डेमो चेक प्रदान किए। रामसूरत और सूरजकली को आवास निर्माण के लिए भूमि आवंटन प्रमाण पत्र दिया गया।

चमरौहा पुल और आवास की मांग

कार्यक्रम में मऊ-मानिकपुर विधायक अविनाश चंद्र द्विवेदी ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए बाढ़ प्रभावितों की ओर से आभार जताया। उन्होंने चमरौहा में बरदहा नदी पर पुल निर्माण और बाढ़ में मकान गंवाने वाले परिवारों को मुख्यमंत्री आवास उपलब्ध कराने की मांग रखी।
इस दौरान जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, प्रभारी मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, जिला पंचायत अध्यक्ष अशोक जाटव, नगर पालिका अध्यक्ष नरेंद्र गुप्ता, पूर्व सांसद आरके सिंह पटेल, भैरव प्रसाद मिश्रा, पूर्व मंत्री चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। प्रशासनिक अधिकारियों में एडीजी प्रयागराज जोन ज्योति नारायण, मंडलायुक्त अजीत कुमार, डीआईजी राजेश एस, जिलाधिकारी पुलकित गर्ग, पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह, मुख्य विकास अधिकारी डीपी पाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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