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म्यूल खातों के जरिए चल रहा साइबर नेटवर्क पकड़ा, छह गिरफ्तार

जिला संवाददाता-सुल्तान अंसारी

जन एक्सप्रेस/हल्द्वानी : साइबर अपराधियों, म्यूल बैंक खातों, संदिग्ध मोबाइल नंबरों और अवैध नकदी निकासी के खिलाफ चलाए जा रहे राज्यव्यापी विशेष अभियान ऑपरेशन हॉटस्पॉट-2026 के तहत नैनीताल पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने मुखानी थाना क्षेत्र की लक्ष्मण विहार कॉलोनी में छापा मारकर साइबर वित्तीय नेटवर्क संचालित करने वाले गिरोह के मुख्य सरगना समेत छह आरोपितों को गिरफ्तार किया है। दो विधि-विवादित किशोरों को भी संरक्षण में लिया गया है।

पुलिस के अनुसार, 5 और 6 सितंबर की मध्यरात्रि में सटीक सूचना के आधार पर मुखानी पुलिस, एसओजी और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने लक्ष्मण विहार कॉलोनी स्थित एक मकान पर छापा मारा। कार्रवाई एसपी क्राइम डॉ. जगदीश चंद्र, एसपी सिटी मनोज कत्याल तथा एसएसपी/सीओ हल्द्वानी अमित सैनी के पर्यवेक्षण में की गई।

गिरफ्तार आरोपितों में राहुल यादव (30) पुत्र अजय यादव, निवासी पंचवटी नगर, इंदौर, मध्य प्रदेश को गिरोह का मुख्य सरगना बताया गया है। पुलिस के मुताबिक राहुल पूर्व में इंदौर ग्रामीण थाने में धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं के मामले में जेल जा चुका है। उसके अलावा हर्षित कुमार (26) निवासी गैस गोदाम रोड, शिव विहार, मुखानी, कमल गोस्वामी (21) निवासी तल्ली दीनी, मुक्तेश्वर, साहिल कुमार (21) निवासी काण्डा, बागेश्वर, हाल निवासी दमुवाढुंगा, नैनीताल, मौ. अयान (20) निवासी ग्राम कोरबकू, भोजपुर, मुरादाबाद और मौ. शुभान (24) निवासी ग्राम सलारपुरकला, सम्भल को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह साइबर अपराध से प्राप्त रकम को अलग-अलग बैंक खातों में घुमाने के लिए म्यूल खातों का इस्तेमाल करता था। स्थानीय युवकों को तीन प्रतिशत कमीशन का लालच देकर उनके बैंक खाते, एटीएम कार्ड, चेकबुक और पासबुक हासिल किए जाते थे। इसके बाद इन खातों से एटीएम के जरिए नकदी निकाली जाती थी। अधिक रकम होने पर कैश डिपॉजिट मशीन (सीडीएम) के माध्यम से दूसरे बैंक खातों में रकम जमा या ट्रांसफर की जाती थी। पुलिस के अनुसार, खाताधारकों के सिम कार्ड भी आरोपित अपने पास रखते थे।

पुलिस के मुताबिक गिरोह का मुख्य संचालक राहुल यादव बाइनेंस ऐप के माध्यम से नकद रकम से यूएसडीटी खरीदता था। इसके बाद टेलीग्राम के जरिए प्राप्त कथित अनधिकृत यूमास्टर ऐप पर प्रतिदिन करीब चार से पांच लाख रुपये मूल्य की यूएसडीटी बेची जाती थी। इसके बदले तीन प्रतिशत अतिरिक्त मुनाफे और बोनस का लालच दिया जाता था। पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है।

पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से 1,18,800 रुपये नकद, एक डेल लैपटॉप मय चार्जर, एक एप्पल आईपैड और 11 स्मार्ट मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इनमें आइफोन 17 प्रो, आइफोन 14 प्रो, सैमसंग गैलेक्सी एस24 और सैमसंग गैलेक्सी एस22 अल्ट्रा समेत अन्य मोबाइल शामिल हैं। इसके अलावा 24 विभिन्न बैंकों के सक्रिय एटीएम/डेबिट कार्ड, 12 सक्रिय सिम कार्ड, छह चेकबुक, चार पासबुक और 16 बैंक जमा/सीडीएम पर्चियां भी बरामद हुई हैं।

मामले में मुखानी कोतवाली में मु0अ0सं0 141/2026 दर्ज किया गया है। आरोपितों के खिलाफ धारा 66(सी), 66(डी) सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम तथा धारा 3(5), 318(4) भारतीय न्याय संहिता के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के अनुसार मामले में दो अन्य वांछित आरोपितों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। दो विधि-विवादित किशोरों को संरक्षण में लेकर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

कार्रवाई करने वाली टीम में मुखानी पुलिस से उपनिरीक्षक वीरेंद्र चंद, कांस्टेबल सुनील आगरी और कांस्टेबल दिगंबर ज्याला, एसओजी से उपनिरीक्षक मोहन सौन, हेड कांस्टेबल त्रिलोक रौतेला, हेड कांस्टेबल कुंदन कठायत, कांस्टेबल भूपेंद्र ज्येष्ठा, भानू प्रताप ओली, अशोक रावत और अरविंद सिंह तथा साइबर सेल से उपनिरीक्षक मीनू गौतम, एएसआई बिहारीलाल कुशवाहा, हेड कांस्टेबल शिवेंद्र बोरा, हेड कांस्टेबल परमदीप सिंह और कांस्टेबल नरेंद्र धामी शामिल रहे। एसएसपी नैनीताल ने पुलिस टीम के उत्साहवर्धन के लिए 2,500 रुपये नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।

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