उत्तर प्रदेशगाजियाबादलापरवाही

पार्षद के खिलाफ़ रेहड़ी पटरी वालों का फूटा गुस्सा लगाए वसूली के आरोप

जन एक्सप्रेस/गाजियाबाद: ट्रांस हिंडन क्षेत्र के इंदिरापुरम में स्वर्ण जयंती पार्क के चारों तरफ पटरी पर दुकान लगाने वाले व्यापारियों ने क्षेत्रीय भाजपा पार्षद धीरज अग्रवाल के खिलाफ वसूली का आरोप लगाकर उनके खिलाफ अतिक्रमण कार्यवाही कराने का आरोप लगाया है। इसको लेकर रेहड़ी पटरी वालों ने प्रदर्शन भी किया है। जबकि पार्षद ने इससे इंकार करते हुए आरोपों को झूठा करार दिया है।
ज्ञात हो कि इंदिरापुरम सहित पूरे क्षेत्र में अवैध अतिक्रमण ने आम जनता का जीना दुशवार कर रखा है। जिसकी शिकायत जनता और व्यापारी लगातार शासन ,प्रशासन और नेताओं से करते हैं। लेकिन प्रशासनिक स्तर पर नगर निगम, जीडीए और पुलिस विभाग की लापरवाही से अवैध अतिक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है। जिसका खामियाजा जनता लंबे-लंबे जाम और पार्किंग की समस्याओं से जूझना पड़ता है। पार्षद धीरज अग्रवाल के प्रयासों से एक बार फिर स्वर्ण जयंती पार्क अवैध अतिक्रमण से मुक्त हुआ लेकिन रेहड़ी पटरी वाले अपनी आजीविका को लेकर आरोप लगाकर पार्षद के खिलाफ़ प्रदर्शन शुरू कर दिया है।

शिप्रा रिवेरा से लेकर कनावनी मोड़ तक अवैध दुकानों पर चुप्पी

रेहड़ी पटरी वालों के आरोप की बात को अगर दर किनार भी करें तो इसी क्षेत्र के शिप्रा रिवेरा से लेकर शक्तिखंड चार ग्रीन बेल्ट के किनारे-किनारे सड़कों पर शाम को सजने वाली मांस की मंडिया आखिर किसके संरक्षण में चल रही है। ग्रीन बेल्ट में धार्मिक स्थलों के नाम पर अवैध कब्जे और स्थाई निर्माण के साथ- साथ अब व्यवसायिक गतिविधियों का अड्डा भी क्षेत्र का ग्रीन बेल्ट बनता जा रहा है। जिसमें मोटी रकम का खेल चल रहा है। जीडीए और नगर निगम सहित क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की चुप्पी कही न कही आरोप को लेकर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है।

धार्मिक स्थलों और व्यवसायिक गतिविधियों के जाम से परेशान हुई जनता

गाजियाबाद विकास प्राधिकरण द्वारा शक्तिखंड चार से लेकर ज्ञानखंड तक ग्रीन बेल्ट के लिए जगह छोड़ी थी। जिससे नागरिकों को खुली हवा और हरियाली से पर्यावरण में सुधार हो । लेकिन राजनीतिक और व्यापारिक रसूखदारों ने जीडीए से सांठ-गांठ करके लीज ली हुई जमीनों पर बड़े बड़े स्थाई मंदिरों का निर्माण अवैध रूप से कराया है। जिसको खुद जीडीए अवैध घोषित करके ध्वस्तीकरण की बात कहता है। लेकिन बदलती सियासत और निजी स्वार्थ की नीति परवान चढ़ने के कारण अवैध रूप से न्यायालय और हरित क्षेत्र के नियमों का उल्लंघन करते हुए बड़े-बड़े मंदिरों और अन्य धार्मिक स्थलों का निर्माण खुले आम किया जा रहा है। अब तो ग्रीन बेल्ट में व्यवसायिक गतिविधियों के नाम पर किरायदारों की फौज खड़ी कर दी गई है। जिनसे मोटा किराया वसूल करके हरियाली की जगह हरे-हरे नोटों की हरियाली से रसूखदार अपने निजी स्वार्थ की सिद्धि करने में लगे है।

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