स्थानांतरण के बावजूद थानों में जमे पुलिसकर्मी, आदेशों की अनदेखी के आरोप

मनोज उपाध्याय
जन एक्सप्रेस/जौनपुर :- पुलिस अधीक्षक के स्तर से स्थानांतरण आदेश जारी होने के बावजूद कुछ पुलिसकर्मियों के संबंधित थानों से रिलीव नहीं होने का मामला सामने आया है। आरोप है कि तबादला आदेश जारी हुए कई सप्ताह बीत जाने के बाद भी संबंधित पुलिसकर्मी पुराने थानों पर ही डटे हुए हैं। इससे पुलिस विभाग के स्थानांतरण आदेशों के अनुपालन को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
मामला सरपतहा, खेतासराय और महराजगंज थानों से जुड़ा बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार सरपतहा थाने पर तैनात कांस्टेबल राधेश्याम यादव का स्थानांतरण मुंगराबादशाहपुर थाने के लिए 20 अगस्त 2026 को किया गया, लेकिन आरोप है कि उन्हें अभी तक पुराने थाने से रिलीव नहीं किया गया है। इसके चलते उन्होंने नई तैनाती वाले थाने पर आमद नहीं की है।इसी तरह खेतासराय थाने में तैनात हेड कांस्टेबल प्रमोद यादव का स्थानांतरण करीब दो माह पूर्व 19 जून 2026 को अभियोजन कार्यालय के लिए किया गया था।आरोप है कि आदेश जारी होने के बावजूद वह अभी तक खेतासराय थाने में ही तैनात हैं और नई जगह पर आमद नहीं कर सके हैं।वहीं, महराजगंज थाने में तैनात कांस्टेबल विकास कुमार का स्थानांतरण 12 मई 2026 को जीआरपी के लिए किया गया था। आरोप है कि लंबे समय बाद भी उन्हें वर्तमान थाने से रिलीव नहीं किया गया है।
पुलिसकर्मियों पर धन उगाही के भी आरोप
इन पुलिसकर्मियों को लेकर स्थानीय स्तर पर जनता से धन उगाही किए जाने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में यदि शिकायतें अधिकारियों के संज्ञान में आती हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच कराए जाने की जरूरत है, ताकि आरोपों की वास्तविकता सामने आ सके।
आदेशों के अनुपालन पर उठे सवाल
पुलिस विभाग में स्थानांतरण आदेश प्रशासनिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। ऐसे में आदेश जारी होने के बावजूद संबंधित कर्मचारियों को समय से रिलीव न किया जाना गंभीर सवाल खड़े करता है। अब देखना होगा कि पुलिस अधीक्षक कार्यालय इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और लंबे समय से लंबित स्थानांतरण आदेशों का अनुपालन कब तक कराया जाता है।






