ट्रक ड्राइवर की लापरवाही पड़ी भारी , टक्कर में युवक की गई जान

जन एक्सप्रेस / गाजियाबाद : खराब ट्रैफिक व्यवस्था और बिल्डिंग मैटेरियल स्टॉक में लगे भारी वाहनों के चालक की लापरवाही से एक युवक जान चली गई । ट्रैफिक पुलिस प्रशासन की उदासीनता और लापरवाही एक बार फिर उजागर हुई है। एकल सड़क पर भारी वाहनों का लगातार आना जाना और उसी सड़क पर ऑटो संचालकों द्वारा अवैध रूप से स्टैंड बनाना परेशानी का सबब बन रहा है। जबकि यहां ट्रैफिक पुलिस के कर्मचारियों की तैनाती रहती है।
कनावनी पुश्ता जिसके अधिकांश हिस्से में गाजियाबाद विकास प्राधिकरण और पुलिस प्रशासन की उदासीनता के कारण अवैध रूप से रोड़ी , डस्ट और बिल्डिंग मैटेरियल के सामनों का स्टॉक बना दिया गया है , जिनमें संचालित होने वाले भारी वाहन नागरिकों के जान पर भारी पड़ रहे हैं। इसके साथ ही टेंपों और ई रिक्शा स्टैंड एकल रोड पर खड़ा करके आवागमन को भी प्रभावित कर रहे हैं। जबकि ट्रैफिक पुलिस के कर्मचारियों तैनाती इस स्थल पर होती है । अवैध ई रिक्शा और ऑटो के संचालन को कैसे संरक्षण मिला है यह भी सोचनीय है।
रविवार सुबह 9 बजे के आस पास एक बाइक सवार युवक गरिमा गार्डन पसौंडा निवासी अविनाश पुत्र विद्यानंद कनावनी पुश्ता से राष्ट्रीय राज्य मार्ग 9 की तरफ जा रहा था । तभी राष्ट्रीय राज्यमार्ग 9 से कनवानी पुश्ता की तरफ मुड़ी और बाइक सवार को अपने चपेट ले लिया । प्रथम दृष्टया ट्रक ड्राइवर की लापरवाही सामने आई है। मौके पर पहुंची ट्रैफिक पुलिस के कर्मचारियों ने घायलावस्था में बाइक सवार को छिजारसी स्थित निजी अस्पताल ले गए जहां इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई ।
ट्रैफिक पुलिस की लापरवाही और टेंपो संचालकों की मनमानी आम आदमी की जान पर पड़ रही भारी
ज्ञात हो कि पुश्ता किनारे अवैध रूप से आधा दर्जन से ज्यादा बिल्डिंग मैटीरियल की दुकानें और स्टॉक संचालित हो रहा है। राष्ट्रीय राज्यमार्ग के समीप होने और पुलिस और जीडीए के अधिकारियों की उदासीनता के कारण यहां बड़ी बड़ी गाड़ियों का आवागमन बराबर बना रहता है। इंदिरापुरम और वसुंधरा सहित गाजियाबाद का शॉर्ट कट रास्ता होने के कारण यह रोड अत्यधिक व्यस्त रहती है। जहां पर अवैध टेम्पो और ई रिक्शा स्टैंड भी एकल सड़क पर संचालित होता है। जिससे आवागमन की समस्या बनी रहती है। ट्रैफिक पुलिस की तैनाती के बाद भी स्टैंड कैसे संचालित हो रहा और स्टॉक किसके संरक्षण चल रहा यह प्रशासनिक अधिकारी ही बता सकते हैं। लेकिन ट्रैफिक पुलिस प्रशासन की उदासीनता से आज एक घर का चिराग बुझ गया ।






