उत्तर प्रदेशलखनऊ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डेयरी व पशु आहार प्लांट्स के संचालन हेतु राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के साथ किया एमओयू

जन एक्सप्रेस/लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार अपने सरकारी आवास, 5‑कालिदास मार्ग, लखनऊ में आयोजित एक भव्य समारोह में गोरखपुर, कानपुर और कन्नौज के डेयरी प्लांट्स, साथ ही अम्बेडकरनगर की पशु आहार निर्माणशाला के संचालन के लिए राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड एनडीडीबी तथा उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए।

यह समझौता राज्य के डेयरी और पशुपालन क्षेत्र में एक नया अध्याय जोड़ेगा, जिससे किसानों का सीधा फायदा होगा और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। इससे जहाँ इन जिलों में डेयरी उत्पादों की गुणवत्ता और उपलब्धता में सुधार होगा, वहीं राज्य का दुग्ध उत्पादन और भी सुदृढ़ होगा।

मुख्यमंत्री का उद्देश्य और विज़न
मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि यह एमओयू प्रदेश में डेयरी से जुड़े छोटे व मध्यम किसान-उद्योजकों को सशक्त बनाएगा, जिससे वे आधुनिक तकनीकों और बेहतर सैनिटेशन प्रणाली का लाभ उठा सकेंगे।

उन्होंने कहा कि यह पहल यूपी को दूध उत्पादन का देश का अग्रणी केंद्र बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम है, जैसा कि पहले भी नौ नए डेयरी प्लांट्स की स्थापना की योजना में देखा गया था।

प्रशासनिक सहकारिता से होगा विकास, उक्त एमओयू में उद्गम हुआ कि:

  • एनडीडीबी तकनीकी सहायता, प्रशिक्षण और कर्यकारी मानकों का निर्धारण करेगा।
  • यूपी कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन वितरण, विपणन, ट्रेडमार्क शब्दाधिकार, और किसानों को सीधा लाभ सुनिश्चित करेगी।

क्षेत्रीय असर और किसान-उद्योग के फायदे
गोरखपुर, कानपुर, कन्नौज जैसे जिलों में डेयरी प्लांट्स को कब्जे पर दी जाने वाली भूमि 10 साल के पट्टे पर ली जाएगी, जिससे स्थानीय दूध संघ मजबूत होंगे।

किसानों को बेहतर मूल्य मिलेंगे और डेयरी से जुड़े युवाओं को नौकरियाँ एवं स्वरोजगार के मौके मिलेंगे।

पशु आहार निर्माणशाला, अम्बेडकरनगर का संचालन सुनिश्चित करने से पशुपालन की लागत कम होगी और पशु स्वास्थ्य बेहतर होगा।

भविष्य की योजनाएँ
मुख्यमंत्री ने यह भी संकेत दिए कि सरकार: डेयरी विभाग में तकनीकी नवाचार लाएगी—जैसे कि पूरक खाद्य, पाश्चुराइजेशन, पैकेजिंग सीआईपी आधुनिककरण जैसी सुविधा—जिन पर पहले भी चर्चा हो चुकी है।

गाय-गोशाला पहल, जैसे गोदुग्ध उपयोग, गोबर-आधारित पर्यावरणीय समाधानों और कौशल विकास को आगे बढ़ाया जायेगा।

बहरहाल यह समझौता सरकारी पहल, तकनीकी सहयोग और जनभागीदारी का सम्मिलन है, जो उत्तर प्रदेश को दुग्ध उत्पादन में मजबूती देगा। किसानों को बेहतर आय, युवाओं को रोजगार, उपभोक्ताओं को उच्च गुणवत्ता वाला दूध और राज्य को आत्मनिर्भरता सुनिश्चित होगी।

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