उत्तरकाशीउत्तराखंड

उत्तरकाशी में देव संस्कृति विश्वविद्यालय का प्रवेश अभियान शुरू

युवाओं को दी जा रही रोजगारपरक शिक्षा की जानकारी

जन एक्सप्रेस/उत्तरकाशी :  देव संस्कृति विश्वविद्यालय ने सत्र 2026-27 के प्रवेश अभियान के तहत उत्तरकाशी में व्यापक जनसंपर्क कार्यक्रम शुरू किया है। इस अभियान का उद्देश्य युवाओं को रोजगारपरक, कौशल आधारित और संस्कारयुक्त शिक्षा के अवसरों से अवगत कराना है।

अभियान के तहत वरिष्ठ गायत्री परिजन अजय प्रकाश बड़ोला और डॉ. मुरली मनोहर भट्ट नगर के विभिन्न शिक्षण संस्थानों, सार्वजनिक स्थलों और चौराहों पर पहुंचकर छात्र-छात्राओं को विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रमों एवं प्रवेश प्रक्रिया की जानकारी दे रहे हैं।

रोजगारपरक और कौशल आधारित पाठ्यक्रम

विश्वविद्यालय में कंप्यूटर एप्लीकेशन, प्रबंधन, शिक्षा, योग, पत्रकारिता एवं जनसंचार, बीसीए सहित अनेक ऐसे पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य विद्यार्थियों को शैक्षणिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावसायिक कौशल भी प्रदान करना है।

अभियान से जुड़े कार्यकर्ताओं का कहना है कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य विद्यार्थियों को केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाना भी है।

क्यूआर कोड से मिलेगी पूरी जानकारी

प्रचार सामग्री में दिए गए क्यूआर कोड को स्कैन कर छात्र प्रवेश प्रक्रिया, आवेदन तिथि, प्रवेश परीक्षा और अन्य आवश्यक जानकारी सीधे अपने मोबाइल फोन पर प्राप्त कर सकते हैं। विश्वविद्यालय की शिक्षा पद्धति में शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ नैतिक मूल्यों और व्यक्तित्व विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है।

गांव-गांव तक पहुंच रहा अभियान

अभियान के तहत डॉ. मुरली मनोहर भट्ट गजना क्षेत्र सहित विभिन्न ग्रामीण इलाकों में जाकर युवाओं को उच्च शिक्षा और करियर के अवसरों के बारे में जानकारी दे रहे हैं। उनका संदेश है कि शिक्षा के साथ संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारी का भाव भी विकसित होना चाहिए।

इस अभियान में दीपक नौटियाल, इंद्र भूषण नौटियाल, सुनील पवार, महावीर रावत, विवेक सजवान, खुशहाल सिंह पवार, विजेंद्र रावत, प्रांजल उनियाल तथा दीपक मिश्रा सहित कई युवा सक्रिय रूप से भागीदारी कर रहे हैं।

छात्र-छात्राओं में अभियान को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। वे पाठ्यक्रमों, प्रवेश प्रक्रिया और करियर संभावनाओं से जुड़े प्रश्न पूछ रहे हैं तथा आवेदन संबंधी जानकारी प्राप्त कर रहे हैं।

विश्वविद्यालय के प्रचार अभियान का मुख्य संदेश है कि शिक्षा केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण और सामाजिक विकास का भी आधार है। इसी सोच के साथ देव संस्कृति विश्वविद्यालय उत्तरकाशी के युवाओं को ऐसा शैक्षणिक मार्ग प्रदान करने का प्रयास कर रहा है, जो उन्हें रोजगार के साथ संस्कार भी दे सके।

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