
जन एक्सप्रेस /उत्तरकाशी विद्युत उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच (CGRF) द्वारा बड़कोट डिवीजन के विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित शिकायत निवारण शिविरों में बिजली आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं को लेकर उपभोक्ताओं ने खुलकर अपनी बात रखी। शिविरों में कुल 67 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें लो-वोल्टेज, अनियमित विद्युत आपूर्ति, अधिक बिलिंग, मीटर परिवर्तन, पोल शिफ्टिंग और नए कनेक्शन से जुड़ी समस्याएं प्रमुख रहीं।
धारी और कफनौल क्षेत्र के उपभोक्ताओं ने बरनीगाड़ सब-स्टेशन से जुड़े गांवों में अनियमित रोस्टिंग और लंबे समय तक बिजली बाधित रहने की शिकायत दर्ज कराई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बिजली आपूर्ति बाधित होने पर सब-स्टेशन में तैनात जूनियर इंजीनियर (JE) फोन तक नहीं उठाते, जिससे उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
धारी क्षेत्र के राकेश इंद्रवान, प्रेम सिंह राणा, नेत्र मणि डोभाल और अजय राणा सहित कई उपभोक्ताओं ने मंच के समक्ष अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए नियमित और सुचारु विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की। मंच ने विभागीय अधिकारियों को समस्याओं के शीघ्र समाधान के निर्देश दिए और उपभोक्ताओं को टोल-फ्री नंबर 1912 एवं ऑनलाइन माध्यम से शिकायत दर्ज कराने की जानकारी भी दी।
सरनौल में आयोजित शिविर में ग्रामीणों ने लंबे समय से चली आ रही लो-वोल्टेज की समस्या को प्रमुख मुद्दा बताया। वहीं कई उपभोक्ताओं ने अधिक बिजली बिल आने की शिकायत भी दर्ज कराई।
उधर, पुरोला उपखंड के गुंदियाट गांव में आयोजित शिविर में भी लो-वोल्टेज की समस्या प्रमुख रही। ग्राम प्रधान राजेश प्रसाद और शंभू प्रसाद ने बताया कि क्षेत्र में आबादी और बिजली उपभोक्ताओं की संख्या बढ़ने से वर्तमान ट्रांसफार्मर पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। उन्होंने ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाने की मांग उठाई।
शिविर के दौरान मंच के तकनीकी सदस्य भूपेंद्र कनेरी, उपभोक्ता सदस्य संतोष भट्ट और न्यायिक सदस्य प्रेम सिंह भंडारी ने कई शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया। साथ ही उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों और शिकायत निवारण प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी भी दी गई।
कार्यक्रम में उपखंड अधिकारी बड़कोट अजय सेमवाल, पुरोला के उपखंड अधिकारी रोबिन सिंह समेत विभाग के कई अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।






